भाई-दूज दिवाली के पांचवें और अंतिम दिन का पर्व है।
इसे यम द्वितीया भी कहा जाता है। लेकिन क्यों? आगे देखे...
तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:13 से 3:28 बजे तक है।
भाई बहन को उपहार देकर प्रेम और आशीर्वाद देते हैं।
यह पर्व भाई-बहन के रिश्ते में स्नेह, सुरक्षा और सम्मान दर्शाता है।
यमराज और यमुना की कथा इसके धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाती है
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मराज और यमुना की कथा की वजह से यम द्वितीया कहा जाता है।