
Nithari Kand Surendra Koli Bail : Noida के निठारी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने 20 साल बाद आखिरकार सुरेंद्र कोली को सभी 13 केसों से बरी कर दिया। जानिए क्या था मामला। पूरी जानकारी यहां पढ़ें।
Nithari Kand Surendra Koli Bail : Noida के निठारी कांड में मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली को सुप्रीम कोर्ट ने 20 साल बाद आखिरी केस में भी बरी कर दिया है। यह मामला 2006 से Noida के निठारी इलाके में हुई बच्चों की सामूहिक हत्याओं का है, जो भारतीय न्याय व्यवस्था में एक बेहद चर्चित और संवेदनशील मामला रहा है। इस कांड के दौरान कई मासूम बच्चों के कंकाल निठारी इलाके की एक कोठी से बरामद हुए थे, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। ये भी पढ़ें..
Supreme Court ने दिया था रिहाई का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में निठारी कांड से जुड़े अंतिम यानी 13वें केस में भी सुरेन्द्र कोली को दोषमुक्त कर दिया था। अदालत ने क्यूरेटिव याचिका पर सुनवाई करते हुए उसकी सजा रद्द कर तत्काल रिहाई का आदेश दिया था।
कोली 8 सितंबर 2024 से लुक्सर जेल में बंद था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बुधवार को उसकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। अब उसके जेल से बाहर आने के साथ ही इस चर्चित मामले में एक लंबा कानूनी अध्याय समाप्त हो गया है।
मामला कब और कैसे शुरू हुआ : Nithari Kand Surendra Koli Bail
- दिसंबर 2006 में नोएडा के निठारी इलाके के डी-5 कोठी से मानव अवशेष मिलने के बाद मामला खुला। खोजी गई जगह से कई बच्चों की हड्डियां और अन्य अंग मिले, जिससे पूरे देश में सनसनी फैल गई।
- सुरेंद्र कोली, जो उस समय उस कोठी में कर्मचारी था, और उसके मालिक मोहिंदर सिंह पंढेर को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
मुकदमों की शुरुआत और जेल की अवधि : Nithari Kand Surendra Koli Bail

- सुरेंद्र कोली पर 13 अलग-अलग मामलों में बच्चों की हत्या और अन्य गंभीर आरोप लगाए गए।
- प्रारंभिक जांच, जो उत्तर प्रदेश पुलिस और बाद में CBI ने की, विवादास्पद रही। आरोप लगे कि जांच पूरी तरह पेशेवर और निष्पक्ष नहीं थी।
- सुरेंद्र कोली को कई बार दोषी करके फांसी की सजा हुई, पर कोर्ट ने बाद में कई बार उन फैसलों को पलट दिया।
जांच और न्याय प्रक्रिया की कमियां : Nithari Kand Surendra Koli Bail
- पुलिस और सीबीआई जांच पर काफी आलोचना हुई कि उन्होंने सबूतों को सही तरीके से नहीं संभाला।
- सुरेंद्र कोली के कथित इकबालिया बयान (स्वीकार्य स्वीकारोक्ति) को कोर्ट ने संदिग्ध माना।
- फॉरेंसिक और डीएनए साक्ष्य कमजोर और अधूरे मिले, जिससे दोषसिद्धि की दिशा प्रभावित हुई।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला : Nithari Kand Surendra Koli Bail
सुप्रीम कोर्ट ने यह माना कि न्यायिक प्रक्रिया में गड़बड़ थी और सुरेंद्र कोली के खिलाफ आरोपों को सही ठहराने के लिए ठोस सबूत पेश नहीं किए जा सके। कोर्ट ने कर्वेटिव याचिका स्वीकार करते हुए उसके सभी बचे हुए मामलों से उसे बरी कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत रिहा करने के आदेश भी दिए, जिसे अमल में लाया गया।
निष्कर्ष : Nithari Kand Surendra Koli Bail
निठारी कांड भारतीय न्याय व्यवस्था में एक बड़ा व महत्वपूर्ण केस है, जिसने बच्चों की सुरक्षा और जांच प्रणाली की कमजोरियों पर सवाल उठाए हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ इस लंबी कानूनी लड़ाई का एक अंत हुआ है, लेकिन पीड़ित परिवारों के लिए दर्द अभी भी जैसे का तैसा है। यह मामला न्याय और जांच प्रक्रिया की गंभीरता को सुधारने की जरूरत पर प्रकाश डालता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं का सही तरीके से निवारण हो सके।
FAQs : Nithari Kand Surendra Koli Bail
Q 1 – निठारी कांड क्या है?
निठारी कांड 2005-2007 के बीच नोएडा के निठारी इलाके में हुई बच्चों और महिलाओं की सामूहिक हत्याओं का मामला है, जिसमें कई बच्चों के कंकाल बरामद हुए थे।
Q 2 – सुरेंद्र कोली कौन हैं और उन पर क्या आरोप थे?
सुरेंद्र कोली निठारी कांड के मुख्य आरोपी थे, जिन पर बालिकाओं की हत्या, अपहरण और कंकालों को छुपाने जैसे गंभीर आरोप लगे थे।
Q 3- सुप्रीम कोर्ट ने सुरेंद्र कोली को क्यों बरी किया?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच में अनियमितताएं थीं, फॉरेंसिक सबूत कमजोर थे, और सुरेंद्र कोली के खिलाफ ठोस साक्ष्य नहीं थे, इसलिए उसे दोषमुक्त किया।
Q 4- सुरेंद्र कोली कब जेल से रिहा हुए?
सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले के बाद सुरेंद्र कोली को 2025 में तत्काल रिहा कर दिया गया। वे 8 सितंबर 2024 से लुक्सर जेल में बंद थे।
Q 5- अब निठारी कांड का क्या भविष्य होगा?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ कानूनी रूप से यह मामला समाप्त हो गया है, लेकिन पीड़ित परिवार न्याय की मांग जारी रख सकते हैं और सामाजिक जागरूकता बनी रहेगी।