
(SIR) Special Intensive Revision : मतदान सूची का एक व्यापक और गहन पुनरीक्षण होता है, जिसमें Election Commission पूरे देश में घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच करता है।
इसका मकसद फर्जी वोटर, मृतक, और डुप्लीकेट नाम हटाकर वोटर लिस्ट को शुद्ध और अपडेटेड बनाना है, ताकि चुनाव निष्पक्ष और साफ-सुथरा हो सके। ये भी पढ़ें..
वोटर लिस्ट का SIR: क्यों होता है ये विशेष गहन पुनरीक्षण?
(SIR) Special Intensive Revision : चुनावों की विश्वसनीयता के लिए यह जरूरी होता है कि वोटर लिस्ट सही हो। इसलिए SIR के जरिए मतदाता सूची का गहन सुधार किया जाता है, जिससे गलत नाम हटें और नए योग्य मतदाताओं को शामिल किया जाए। यह प्रक्रिया चुनावों के पहले की जाती है ताकि वोटर की सूची में भ्रम और फर्जीवाड़ा न हो।
चुनाव प्रक्रिया में SIR की भूमिका क्या है?
(SIR) Special Intensive Revision : चुनावों की पारदर्शिता और वैधता को सुनिश्चित करता है। इससे केवल सही और योग्य मतदाता वोट डाल सकते हैं, जो लोकतंत्र को मजबूत करता है। फर्जी और गलत सूचियाँ कांग्रेस, भ्रष्टाचार और चुनावी धांधली का कारण बन सकती हैं, इसलिए SIR आवश्यक होता है।
SIR के जरिए फर्जी वोटर हटाने का तरीका और वोट की सुरक्षा

(SIR) Special Intensive Revision : विशेष BLO (Booth Level Officers) घर-घर जाकर मतदाताओं के दस्तावेज जांचते हैं, पहचान सत्यापित करते हैं, और फर्जी, मृतक या डुप्लीकेट नाम हटाते हैं। साथ ही नए मतदाता जोड़ने के लिए दस्तावेज मांगते हैं जिससे वोटिंग में वैधता बढ़े।
SIR से जुड़े मुख्य फायदे और संभावित चुनौतियां
फायदे: चुनाव निष्पक्ष होते हैं, मतदाता सूची साफ रहती है, लोकविश्वास बढ़ता है।
चुनौतियां: कभी-कभी सही व्यक्तियों के नाम गलती से कट जाते हैं, जिससे विवाद और असमंजस होता है। इसीलिए आपत्तियां सुनवाई के लिए विकल्प भी होते हैं।
बिहार, बंगाल और जिलों में SIR का असर: क्या बदला है?
(SIR) Special Intensive Revision : हाल ही में, इन राज्यों में SIR की वजह से करोड़ों वोटर नाम अपडेट या हटाए गए, जिसका असर राजनीतिक समीकरण पर पड़ा। कई बार विरोध भी देखा गया क्योंकि कुछ क्षेत्रों में विस्थापन या गलत कटौती की शिकायतें आईं। लेकिन कुल मिलाकर चुनाव प्रणाली मजबूती मिली।
चुनाव आयोग और SIR: वोटर लिस्ट अपडेट करने का अधिकार
(SIR) Special Intensive Revision : चुनाव आयोग को संविधान के आर्टिकल 324 और Representation of People Act के तहत विशेष अधिकार प्राप्त हैं कि वह मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण कर सके। SIR इस कानूनी अधिकार का इस्तेमाल है। ताकि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को बढ़ावा मिले।
SIR और मतदाता अधिकार: क्या हर वोटर सुरक्षित है?
(SIR) Special Intensive Revision : प्रत्येक योग्य मतदाता का नाम मतदाता सूची में बने रहना चाहिए। यदि नाम कटता है तो मतदाता को शिकायत करने, नाम फिर से जोड़वाने का अधिकार होता है। SIR की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए ताकि अधिकारों का उल्लंघन न हो।
SIR के दौरान वोटर नाम कटने पर क्या करें?

अगर आपका नाम गलती से कट गया है, तो तुरंत चुनाव आयोग या नजदीकी जिला निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करें। आपत्तियां दर्ज कराएं, दस्तावेज जमा करें और अपना नाम वापस जुड़वाएं। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल और हेल्पलाइन भी उपलब्ध हैं। संपर्क करें- https://voters.eci.gov.in
FAQ : (SIR) Special Intensive Revision
Q1: SIR क्या है?
Ans: SIR मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण है, जिसमें चुनाव आयोग घर-घर जाकर वोटर लिस्ट की जांच करता है। फर्जी, मृतक या डुप्लीकेट नाम हटाए जाते हैं, नए योग्य वोटर जोड़े जाते हैं।
Q2: SIR क्यों किया जाता है?
Ans: वोटर लिस्ट को त्रुटिरहित, अपडेटेड और सटीक बनाने के लिए, ताकि चुनाव निष्पक्ष हों और धोखाधड़ी रुके। अपात्र नाम हटाकर पात्र मतदाताओं को जोड़ा जाता है।
Q3: SIR में Enumeration Form भरना जरूरी है?
Ans: हां, मौजूदा वोटरों को फॉर्म भरना अनिवार्य है। BLO घर आकर फॉर्म देगा; जमा न करने पर ड्राफ्ट लिस्ट से नाम कट सकता है।
Q4: SIR में कौन से दस्तावेज चाहिए?
Ans: आधार कार्ड, राशन कार्ड, पासपोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र, पेंशन कार्ड, जाति प्रमाणपत्र आदि मान्य हैं। पता और उम्र साबित करने वाले सरकारी दस्तावेज जमा करें।
Q5: अगर नाम वोटर लिस्ट से कट जाए तो क्या करें?
Ans: ड्राफ्ट लिस्ट (दिसंबर में जारी) चेक करें, फॉर्म 7 भरें या आपत्ति दर्ज करें। ठीक ना होने पर 1 महीने के अंदर अपील करे या हेल्पलाइन 1950 पर कॉल करें ।
Q6: SIR कब और कहां हो रहा है?
Ans: 2025 में बिहार, बंगाल, तमिलनाडु समेत 12 राज्यों में। दूसरा चरण 28 अक्टूबर से 7 फरवरी 2026 तक।
Q7: वोटर ID कार्ड होना जरूरी है SIR में?
Ans: नहीं, EPIC नंबर जरूरी नहीं, नाम पुरानी लिस्ट में हो तो फॉर्म भरें। ऑनलाइन voters.eci.gov.in पर चेक करें।
Q8: SIR से फर्जी वोटर कैसे हटते हैं?
Ans: BLO 3 बार घर जाकर सत्यापन करते हैं। नोटिस के बाद भी फॉर्म न जमा करने पर नाम हटाया जाता है।
Q9: नया वोटर कैसे जुड़ सकता है?
Ans: 18+ उम्र वाले फॉर्म 6 भरें। स्थायी पता साबित करें; ऑनलाइन या Booth Level Officer (BLO) से