
Student brutally beaten for speaking Hindi: मुंबई के एक कॉलेज में हिंदी बोलने पर छात्र की बेरहमी से पिटाई — भाषा भेदभाव पर बवाल, पुलिस ने FIR दर्ज की, सोशल मीडिया पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
घटना का परिचय : Student Brutally Beaten For Speaking Hindi

मुंबई में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक कॉलेज छात्र को सिर्फ हिंदी बोलने की वजह से बेरहमी से पीट दिया गया। यह मामला भाषा भेदभाव और समाज में बढ़ रही असहिष्णुता पर एक बार फिर बहस छेड़ गया है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर जनता गुस्से में है, और लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या अब अपनी मातृभाषा में बोलना भी अपराध बन गया है?
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क्या है पूरा मामला? Student Brutally Beaten For Speaking Hindi
सूत्रों के अनुसार, मुंबई के एक नामी कॉलेज में पढ़ने वाला छात्र अमित कुमार (परिवर्तित नाम) अपने दोस्तों के साथ कैंटीन में बैठा था। बातचीत के दौरान उसने कुछ वाक्य हिंदी में कहे, जिस पर कुछ अन्य छात्रों ने आपत्ति जताई। बताया जा रहा है कि उन छात्रों ने पहले उसे मराठी या अंग्रेज़ी बोलने के लिए कहा, लेकिन अमित ने शांतिपूर्वक जवाब दिया कि उसे अपनी भाषा में बोलने का अधिकार है।
इसी बात पर विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते बहस हिंसक झगड़े में बदल गई। अमित को कई छात्रों ने मिलकर पीटा, जिसके बाद कॉलेज प्रशासन और पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। घायल छात्र को पास के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है।
चश्मदीदों ने क्या बताया? Student Brutally Beaten For Speaking Hindi

कई छात्रों ने बताया कि विवाद भाषा को लेकर शुरू हुआ था। कुछ का कहना है कि यह मसला ‘भाषाई श्रेष्ठता’ की भावना से जुड़ा था, जो मुंबई जैसे बहुभाषीय शहर में चिंता का विषय है।
एक छात्र ने बताया: Student brutally beaten for speaking Hindi
हम सब क्लास में अलग-अलग राज्यों से आए हैं। लेकिन कुछ लोग दूसरों पर अपनी भाषा थोपना चाहते हैं। इस बार हद तब हो गई जब अमित को सिर्फ हिंदी बोलने के लिए मारा गया।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने इस घटना पर FIR दर्ज कर ली है। आरोपियों की पहचान हो चुकी है और दो छात्रों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जाति और भाषा के आधार पर भेदभाव की धाराएँ भी जोड़ी जा सकती हैं।
मुंबई पुलिस के प्रवक्ता ने कहा: Student brutally beaten for speaking Hindi
किसी व्यक्ति को भाषा, धर्म या क्षेत्र के आधार पर परेशान करना या हिंसा करना कानूनन अपराध है। इस मामले में जल्द ही सभी आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
कॉलेज प्रशासन की प्रतिक्रिया
कॉलेज प्रबंधन ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि संस्था किसी भी तरह के भेदभाव या हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेगी। कॉलेज के प्रिंसिपल ने बताया कि जांच के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है।
सोशल मीडिया पर गुस्सा
घटना की खबर जैसे ही सामने आई, Twitter (X), Instagram, और YouTube पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। #SpeakHindiWithPride
जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।लोगों ने कहा कि मुंबई जैसे शहर में भाषा को लेकर हिंसा अस्वीकार्य है। कई यूज़र्स ने लिखा कि भारत की ताकत इसकी भाषाई विविधता है, न कि इसे लेकर विभाजन।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
इस मामले पर राजनीतिक नेताओं के बयान भी आने लगे हैं।
- उत्तर भारतीय नेता ने कहा कि यह घटना हिंदी भाषी लोगों के खिलाफ बढ़ते भेदभाव का उदाहरण है।
- वहीं स्थानीय मराठी नेताओं ने भाषा को मुद्दा ना बनाते हुए कहा कि अपराधी कोई भी हो, उसे सजा मिलनी चाहिए।
कानून क्या कहता है? Student Brutally Beaten For Speaking Hindi
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है, जिसमें अपनी पसंद की भाषा में संवाद करने का अधिकार भी शामिल है।
इसके अलावा, अनुच्छेद 29 और 30 में सांस्कृतिक और भाषाई पहचान की रक्षा करने का प्रावधान है।
इसलिए, किसी को हिंदी, मराठी या किसी अन्य भारतीय भाषा में बोलने से रोकना — संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन माना जा सकता है।
निष्कर्ष: एक सवाल समाज से
Student Brutally Beaten For Speaking Hindi : यह घटना केवल एक कॉलेज की नहीं है — यह सवाल पूरे समाज से है कि क्या हम सच में विविधता को अपनाने के लिए तैयार हैं?
भारत की ताकत उसकी भाषाओं में है — हिंदी, मराठी, तमिल, बंगाली, पंजाबी या मलयालम — हर भाषा एक संस्कृति और भावना की पहचान है।
समय आ गया है कि हम यह समझें कि किसी की भाषा पर हमला करना, उसकी पहचान पर हमला करने जैसा है।