
Crypto Market : डॉनल्ड ट्रंप द्वारा चीन पर 100% टेरिफ लगाने की घोषणा के बाद आए क्रिप्टो बाजार के बड़े गिरावट के कारण, इसके प्रभाव और निवेशकों के लिए सुझावों पर गहराई से विश्लेषण। जानिए क्रिप्टो क्रैश के मुख्य कारण और उससे कैसे बचा जा सकता है।
Crypto Market : डॉनल्ड ट्रंप की घोषणा और बाजार में बड़ा सदमा
हाल ही में डॉनल्ड ट्रंप ने चीन के खिलाफ 100% टेरिफ लगाने की घोषणा की, जिसने वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट ला दी।
इस खबर ने न केवल स्टॉक मार्केट बल्कि क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी जबरदस्त ब्लड बाथ पैदा किया।
बिटकॉइन जैसे बड़े क्रिप्टो की कीमतें मिनटों में ₹12,26,000 से ₹1,20,000 तक नीचे गिर गईं।
इस घटना से भारी लिक्विडेशन देखने को मिला, जिससे बुलिश पोजीशन पूरी तरह समाप्त हो गईं। देखे…
Crypto Market : मुख्य कारण ट्रेड वॉर और टेरिफ का असर
ट्रंप द्वारा चीन पर टेरिफ लगाने की कार्रवाई अमेरिकी समयानुसार सुबह 10:57 बजे हुई।
इससे पहले चीन के साथ उनकी मीटिंग रद्द कर दी गई थी, जिससे बाजारों में नकारात्मकता फैल गई।
टेरिफ ने चीन की निर्यात नीतियों को चुनौती दी।
रेयर अर्थ एलिमेंट्स (Rare Earth Elements) जैसे संसाधनों पर असर पड़ा।
यह कदम ट्रेड वॉर को तेज करने वाला साबित हुआ और आर्थिक अस्थिरता बढ़ी।
Crypto Market : क्रिप्टो बाजार में मैनिपुलेशन और लिक्विडेशन
क्रिप्टो मार्केट में इस दौरान भारी मैनिपुलेशन देखने को मिला।
विशेष रूप से लेवरेज ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा।
डेल्टा एक्सचेंज जैसी जगहों पर 200x तक लेवरेज के साथ ट्रेड हो रहा था।
छोटी सी गिरावट ने भी भारी लिक्विडेशन कर दी। यह इतिहास का सबसे बड़ा क्रिप्टो लिक्विडेशन इवेंट रहा। बिटकॉइन माइनर्स ने भी खर्च पूरे करने के लिए अपनी होल्डिंग बेचनी पड़ी।
Crypto Market : आर्थिक और मनोवैज्ञानिक कारण
क्रिप्टो क्रैश के पीछे आर्थिक और मनोवैज्ञानिक कारक भी प्रमुख रहे —
FED की ब्याज दर नीति (Interest Rate Uncertainty) ने निवेशकों को अस्थिर किया। डॉलर की मजबूती ने क्रिप्टो को कमजोर किया।
इन्फ्लेशन की चिंता ने पैनिक सेलिंग को बढ़ाया।
निवेशकों ने नुकसान रोकने के लिए जल्दी-जल्दी संपत्ति बेच दी।
Crypto Market : क्रिप्टो ETF में निवेश की गिरावट
क्रिप्टो Exchange Traded Funds (ETF) में निवेश घट गया।
नए निवेशक अब सावधानी बरत रहे हैं, जिससे तरलता (Liquidity) कम हुई और कीमतों में और गिरावट आई।
यह ETF स्लोडाउन क्रिप्टो मार्केट की कमजोरी का नया संकेत है।
ट्रेडिंग ऑटोमेशन और जोखिम प्रबंधन
इस अस्थिर माहौल में ट्रेडिंग ऑटोमेशन की महत्ता तेजी से बढ़ी है।
निवेशकों के लिए उपयोगी सुझाव
- लेवरेज का प्रयोग सावधानी से करें
- ज्यादा लेवरेज से जोखिम बढ़ता है, इसलिए पोजीशन साइज कंट्रोल करें।
- डेमो ट्रेडिंग से शुरुआत करें
- असल पैसे लगाने से पहले डेमो ट्रेडिंग में अपनी रणनीति को परखें।
- मनोवैज्ञानिक नियंत्रण रखें
- पैनिक सेलिंग से बचें और दीर्घकालिक सोच अपनाएँ।
- ऑटोमेशन सीखें
- ट्रेडिंग को स्वचालित बनाकर मानव भावनाओं के प्रभाव को कम करें।
निष्कर्ष Conclusion : आगे की राह क्या है?
डॉनल्ड ट्रंप के चीन पर टेरिफ लगाने की घोषणा ने
ट्रेड वॉर, आर्थिक अनिश्चितता, क्रिप्टो मैनिपुलेशन और लेवरेज ट्रेडिंग के संयोजन से
क्रिप्टो बाजार में बड़ा क्रैश ला दिया है।
Crypto Market : निवेशकों के लिए यह समय है —
सावधानी, सीखने और योजनाबद्ध निवेश का।
ट्रेडिंग ऑटोमेशन जैसे आधुनिक उपाय इस अस्थिरता में सुरक्षा कवच का काम कर सकते हैं।
Crypto Market : FAQs
- डॉनल्ड ट्रंप की टेरिफ घोषणा से क्रिप्टो बाजार में इतनी भारी गिरावट क्यों आई?
- क्या क्रिप्टो क्रैश 2025 सिर्फ अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर के कारण हुआ?
- बिटकॉइन की कीमत ₹12,26,000 से ₹1,20,000 तक कैसे गिर गई?
- क्रिप्टो मार्केट में सबसे बड़ा लिक्विडेशन इवेंट कब हुआ था?
- क्रिप्टो लेवरेज ट्रेडिंग से निवेशकों को कितना जोखिम होता है?
- क्रिप्टो मार्केट मैनिपुलेशन को कैसे पहचाना जा सकता है?
- चीन पर 100% टेरिफ लगाने का असर ग्लोबल इकोनॉमी पर क्या पड़ेगा?
- FED की ब्याज दर नीति ने क्रिप्टो बाजार को कैसे प्रभावित किया?
- क्या डॉलर की मजबूती से बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी कमजोर होती हैं?
- क्रिप्टो ETF स्लोडाउन क्या है और यह बाजार को कैसे प्रभावित करता है?
- ट्रेडिंग ऑटोमेशन क्या है और यह निवेशकों के लिए क्यों जरूरी है?
- क्रिप्टो में लेवरेज का सुरक्षित उपयोग कैसे किया जा सकता है?
- क्रिप्टो में पैनिक सेलिंग से बचने के उपाय क्या हैं?
- क्या 2025 में फिर से क्रिप्टो मार्केट रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है?
- क्रिप्टो माइनर्स ने इस क्रैश के दौरान क्या कदम उठाए?
- क्या क्रिप्टो क्रैश 2025 का असर भारतीय निवेशकों पर भी पड़ा?
- निवेशक इस तरह के क्रिप्टो क्रैश से कैसे सुरक्षित रह सकते हैं?
- क्या ट्रेडिंग ऑटोमेशन भावनात्मक निर्णयों को कम कर सकता है?
- डॉनल्ड ट्रंप की टेरिफ नीति आगे चलकर क्रिप्टो इंडस्ट्री को कैसे प्रभावित करेगी?
DISCLAIMER : उपरोक्त दी गई जानकारी आपके बेसिक जानकारी के लिए है। शेयर खरीदने और बेचने के लिए अच्छे सलाहकार से जानकारी प्राप्त करें।




