UP Kanya Sumangala Yojana 2025 : Update

UP Kanya Sumangala Yojana 2025

UP Kanya Sumangala Yojana 2025 : मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजनाके अंतर्गत बेटियों को जन्म से ग्रेजुएशन तक 6 चरणों में ₹15,000 की आर्थिक सहायता मिलती है।

आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, दस्तावेज़ और स्टेटस चेक करने की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें। ये भी पढ़ें..

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मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना क्या है?

UP Kanya Sumangala Yojana 2025: आज के समय में बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण का विषय समाज की सबसे बड़ी ज़रूरत बन गया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने “मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना”  (Mukhyamantri Kanya Sumangala Yojana) की शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत राज्य की बेटियों को जन्म से लेकर ग्रेजुएशन तक हर चरण में आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी । ताकि उनका पालन-पोषण, शिक्षा और विकास में किसी भी  तरह की आर्थिक बाधा न आए।

UP Kanya Sumangala Yojana 2025: मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसका उद्देश्य से बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित बनाया जायेगा । यह योजना महिला एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित है।
इस योजना के तहत, सरकार बच्ची के जीवन के 6 विशिष्ट चरणों में आर्थिक सहायता दी जायेगी। यह सहायता सीधे माता-पिता या अभिभावक के बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का उद्देश्य

  • बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना।
  • बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना।
  • बाल विवाह पर रोक लगाना।
  • आर्थिक दृष्टि से कमजोर परिवारों को सहयोग देना।
  • बेटी को आत्मनिर्भर बनाना और समाज में लिंग समानता को मजबूत करना।

योजना के 6 चरणों में मिलने वाली आर्थिक सहायता

चरण : लाभ का स्तरमिलने वाली राशिपात्रता विवरण
1-बच्ची के जन्म पर₹2,000बच्ची का जन्म 1 अप्रैल 2019 के बाद का होना चाहिए। अस्पताल या पंजीकृत केंद्र में जन्म आवश्यक।
2-एक वर्ष पूर्ण होने पर टीकाकरण के बाद₹1,000बच्ची का टीकाकरण पूरा हो और आय प्रमाण पत्र मान्य हो।
3-पहली कक्षा में प्रवेश पर₹2,000बालिका के विद्यालय में दाखिले का प्रमाण पत्र आवश्यक।
4-छठी कक्षा में प्रवेश पर₹2,000मान्झता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 6 में प्रवेश हो।
5-नौवीं कक्षा में प्रवेश पर₹3,000कक्षा 9 में नामांकन का प्रमाण आवश्यक।
6-स्सातक या डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश पर₹5,000किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या विश्वविद्यालय में एडमिशन का प्रमाण
कुल सहायता की राशि: ₹15,000 है जो  (6 चरणों में) मिलेगी।

पात्रता (Eligibility Criteria) : UP Kanya Sumangala Yojana 2025

  • आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थानीय निवासी होना चाहिए
  • परिवार की वार्षिक आय अधिकतम ₹3 लाख रुपये तक होनी चाहिए।
  • इस योजना के दायरे में एक परिवार की अधिकतम दो बेटियाँ लाभ प्राप्त कर सकती हैं।
  • इस योजना में परिवार को प्रधानमंत्री जन-धन या बैंक खाता होना जरूरी है।
  • आवेदन बालिका के माता-पिता या अभिभावक द्वारा किया जाना चाहिए।
  • आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है।

आवश्यक दस्तावेज़ (Documents Required)

UP Kanya Sumangala Yojana 2025

  • माता-पिता का आधार कार्ड
  • बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र
  • परिवार आय प्रमाण पत्र
  • राशन कार्ड या निवास प्रमाण पत्र
  • बैंक पासबुक की कॉपी
  • स्कूल एडमिशन सर्टिफिकेट (जहाँ लागू हो)
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नंबर

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में आवेदन प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री UP Kanya Sumangala Yojana 2025: योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल (http://mksy.up.gov.in/) भी जारी किया है। आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार है।

  1. पोर्टल पर जाएं: आधिकारिक वेबसाइट mksy.up.gov.in पर जाएं।
  2. “Citizen Service Portal” पर क्लिक करें: नया यूज़र बनने के लिए पंजीकरण (Registration) विकल्प चुनें
  3. रजिस्ट्रेशन करें: मोबाइल नंबर और ओटीपी वेरिफिकेशन के माध्यम से लॉगिन बनाएं।
  4. आवेदन भरें: बालिका का विवरण, पारिवारिक जानकारी, आय और शिक्षा से संबंधित जानकारी दर्ज करें।
  5. दस्तावेज़ अपलोड करें: आवश्यक दस्तावेज़ स्कैन कर अपलोड करें।
  6. फॉर्म सबमिट करें: ऑनलाइन आवेदन सबमिट करें और आवेदन नंबर सुरक्षित रखें।
  7. स्टेटस चेक करें: पोर्टल पर जाकर “Application Status” सेक्शन में जाकर स्थिति देखी जा सकती है।

लाभार्थियों को भुगतान प्रक्रिया

UP Kanya Sumangala Yojana 2025: राज्य सरकार इस योजना के तहत सभी पात्र और सत्यापित लोगों के बैंक खातों में सीधे पैसे भेजती है। इसमें कोई बिचौलिया या एजेंट नहीं होगा, जिससे धोखाधड़ी की संभावना खत्म हो जाती है। इस तरीके से पारदर्शिता बनी रहती है और यह सुनिश्चित होता है कि मदद की राशि सही व्यक्ति तक पहुँचे।

UP Kanya Sumangala Yojana 2025 : योजना से मिलने वाले लाभ

  • परिवार के आर्थिक बोझ में कमी आती है।
  • बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है।
  • समाज में बेटियों के प्रति सोच में सुधार होता है।
  • योजना से महिला सशक्तिकरण को बल मिलता है।
  • राज्य में कन्या भ्रूण हत्या की घटनाओं पर अंकुश लगता है।

हेल्पलाइन नंबर और सहायता

UP Kanya Sumangala Yojana 2025: किसी भी समस्या या जानकारी के लिए उम्मीदवार निम्न माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं।

  1. हेल्पलाइन नंबर: 1800-180-6127
  2. ईमेल: mksy-up@gov.in
  3. वेबसाइट: http://mksy.up.gov.in

निष्कर्ष : Conclusion

UP Kanya Sumangala Yojana 2025: मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश की एक महत्वपूर्ण योजना है, जो बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई है। इस योजना के तहत सरकार बेटियों की पढ़ाई में आर्थिक मदद करती है, ताकि वे आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बन सकें। यह योजना समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती है और “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के संदेश को हकीकत में बदलने का काम कर रही है।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना 2025 से संबंधित सामान्य प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1. मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना कितनी राशि देती है?
    इस योजना के तहत कुल ₹15,000 की सहायता 6 चरणों में मिलेगी।

प्रश्न 2. क्या एक परिवार की दोनों बेटियाँ लाभ प्राप्त कर सकती हैं?
  हाँ, एक परिवार मै अधिकतम दो बेटियाँ ही इस योजना का लाभ ले सकती हैं।

प्रश्न 3. आवेदन कब तक किया जा सकता है?
    बच्ची के जन्म के एक वर्ष के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है।

प्रश्न 4. क्या इस योजना का लाभ केवल सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियों को मिलता है?
  नहीं,किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल या कॉलेज की छात्रा इस योजना के लिए आवेदन कर सकती है।

प्रश्न 5. आवेदन का स्टेटस कैसे देखें?
     आवेदन का स्टेटस mksy.up.gov.in पोर्टल पर लॉगिन करके ‘Application Status’ विकल्प से स्थिति देख सकते हैं।

Cyclone Montha Impact: Alert 32 ट्रेन रद्द

Cyclone Montha Impact

Cyclone Montha Impact: मोंथा चक्रवात से बचाव के लिए भारतीय रेलवे ने 32 से ज्यादा ट्रेनों को रद्द किया है, जिससे यात्रियों को सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। पूरी रिपोर्ट और सुझाव यहां पढ़ें।

Cyclone Montha Impact : यात्रियों की सुरक्षा

Cyclone Montha Impact: चक्रवात ‘मोंथा’ के कारण यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए भारतीय रेलवे ने 32 से अधिक महत्वपूर्ण ट्रेनों को रद्द कर दिया है। यह निर्णय खासतौर पर आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों के लिए लिया गया है, जहां 28 अक्टूबर को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चक्रवात आने की संभावना है। इन रद्द ट्रेनों में विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा, राजमहेंद्रवरम, काकीनाडा और ओंगोल रूट की कई ट्रेनें शामिल हैं। ये भी पढ़ें..

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Cyclone Montha Impact: रेलवे की महत्वपूर्ण घोषणाएं

Cyclone Montha Impact: मोंथा चक्रवात को ध्यान में रखते हुए, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। साउथ सेंट्रल रेलवे और ईस्ट कोस्ट रेलवे जोन ने संयुक्त रूप से यह फैसला लिया है। कई ट्रेनों के मार्ग व समय में भी परिवर्तन किया गया है, जिनकी जानकारी रेलवे की वेबसाइट व पूछताछ केंद्रों से प्राप्त की जा सकती है।

Cyclone Montha Impact: रद्द ट्रेनों की सूची (प्रमुख ट्रेनें)

  • विशाखापट्टनम – विजयवाड़ा
  • विजयवाड़ा – मछिलीपट्नम
  • भिमावरम – नीडादवोलु
  • नरसपुर – विजयवाड़ा
  • काकीनाडा – हैदराबाद
  • पूरी सूची रेलवे वेबसाइट या आधिकारिक रेल ऐप पर देखी जा सकती है

चक्रवात मोंथा : प्रभावित क्षेत्र

Cyclone Montha Impact: चक्रवात मोंथा विशेष रूप से आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और उनके आसपास के तटीय क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है। इन क्षेत्रों में तेज़ हवाएं और भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, मौसम विभाग ने चक्रवात के दौरान 90 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं व भारी बारिश की चेतावनी दी है। जिससे स्थानीय जीवन और यातायात पर सीधा असर पड़ रहा है। विशाखापत्तनम, काकीनाडा, विजयवाड़ा, और आसपास के इलाके विशेष रूप से प्रभावित हैं, जहां भारतीय रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

चक्रवात मोंथा : अतिरिक्त सुरक्षा कदम

  • Cyclone Montha Impact: भारतीय रेलवे ने 32 से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया है, खासकर उन रूट्स पर जो चक्रवात के सीधे प्रभाव वाले क्षेत्रों से गुजरती हैं।
  • राज्य सरकारों ने उसके आस पास के जिलों में स्कूल कॉलेज बंद करने का आदेश दिया है ताकि बच्चों और युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
  • आपदा प्रबंधन एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन हाई अलर्ट पर हैं, और राहत कार्यों के लिए तत्पर हैं।
  • यात्रियों को रेल प्रशासन से नियमित अपडेट लेने, अपनी यात्राओं को स्थगित करने या रद्द करने की सलाह दी जा रही है।
  • तेज़ हवा और भारी बारिश के कारण बिजली और संचार सेवाओं में बाधा के लिए भी सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।

Cyclone Montha Impact :के दौरान यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह इस प्रकार है-

  • अपनी यात्रा शुरू करने से पहले भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से ट्रेन की स्थिति और अपडेट जरूर जांच लें, खासकर उन ट्रेनों के लिए जो आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों से गुजरती हैं।
  • यदि आपकी ट्रेन रद्द की गई है या देरी हो रही है, तो बिना जरूरत यात्रा टालें और भविष्य में यात्रा के लिए नया टिकट बुक करें या रिफंड प्रक्रिया समझें।
  • चक्रवात और भारी बारिश के कारण यातायात में परेशानी हो सकती है, इसलिए जरूरी होने पर ही यात्रा करें।
  • यात्रा के दौरान पर्यटक संस्कृति का ध्यान रखते हुए सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति के लिए आपदा प्रबंधन के नंबर साथ रखें
  • स्थानीय प्रशासन और रेलवे के निर्देशों का पालन करें, और सुरक्षा उपायों का ध्यान रखें, जैसे पैक्ड औषधि साथ रखना, बचाव के निर्देश सुनना, और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से बचना।
  • अगर तटीय इलाकों में रहने वाले हैं या वहां यात्रा कर रहे हैं, तो समय-समय पर मौसम विभाग और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी किए गए चेतावनियों पर ध्यान दें।
  • बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के साथ यात्रा करने वाले विशेष सावधानी बरतें।

Cyclone Montha Impact : चक्रवात मोंथा और भारतीय रेलवे (FAQ)

Q1: चक्रवात मोंथा के कारण कितनी ट्रेनें रद्द की गई हैं?
उत्तर: चक्रवात मोंथा के खतरे के कारण भारतीय रेलवे ने लगभग 32 से 67 के बीच ट्रेनों को रद्द या उनके मार्ग में परिवर्तन किया है। यह संख्या रेलवे जोन और प्रभावित क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

Q2: क्या मैंने कोई ट्रेन बुक की है और वह रद्द हो गई है तो मुझे क्या करना चाहिए?
उत्तर: ऐसी स्थिति में आप रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर अपनी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करें। रद्द ट्रेन के टिकट का रिफंड पाने के लिए रेलवे नियमों का पालन करें और अगर यात्रा संभव हो तो नई टिकट बुक करें।

Q3: चक्रवात के दौरान रेलवे ने कौन-कौन से सुरक्षा कदम उठाए हैं?
उत्तर: रेलवे ने संवेदनशील मार्गों पर ट्रेनों को रद्द किया है, मार्गों का पुनर्निर्धारण किया है, आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है, और यात्रियों को सुरक्षित रहने के लिए सावधानियां बरतने की सलाह दी है।

Q4: मोंथा चक्रवात से प्रभावित क्षेत्र कौन-कौन से हैं?
उत्तर: आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और उनके आसपास के तटीय इलाके मुख्य रूप से प्रभावित हैं, जहाँ तेज़ हवाओं और भारी बारिश की संभावना है।

Q5: यात्रियों के लिए सुरक्षा संबंधी क्या सुझाव हैं?
उत्तर: यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन की स्थिति जांचें, अनावश्यक यात्रा टालें, स्थानीय प्रशासन और रेलवे की सलाह का पालन करें, और आपदा प्रबंधन के नंबर अपने पास रखें।

Q6: क्या मोंथा का असर अन्य राज्यों पर भी होगा?
उत्तर: चक्रवात का मुख्य असर तटीय राज्यों पर होगा, लेकिन इसके कारण पड़ोसी राज्यों जैसे छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश आदि में आंशिक मौसम परिवर्तन और बारिश हो सकती है।

Rip Comedian Satish Shah: सतीश शाह का निधन

Rip Comedian Satish Shah


Rip Comedian Satish Shah – हिंदी सिनेमा के हास्य अभिनेता, 250+ फ़िल्में, प्रेम, करुणा और कॉमिक टाइमिंग के शहंशाह, का 2025 में निधन।

पढ़ें उनकी संपूर्ण जीवनी, करियर और इंडस्ट्री में योगदान। सतीश शाह के इंद्रवदन का शानदार सफर, करियर और अंतिम विदाई- ये भी पढ़ें..

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Rip Comedian Satish Shah : Introduction

सतीश शाह, भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के सबसे मशहूर हास्य अभिनेता में से एक रहे हैं उन्होंने अपने हल्के-फुल्के अंदाज और चरित्रों को जीवंत बनाने की कला से हर दिल में अपनी एक अलग जगह बनाई। उनका जन्म 25 जून 1951 को मुंबई, महाराष्ट्र के मांडवी कच्छ गुजरात के एक गुजराती परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी एक्टिंग जर्नी मुंबई से शुरू की और 25 अक्टूबर 2025 में 74 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया।

शिक्षा और प्रारंभिक जीवन

Rip Comedian Satish Shah : सतीश शाह ने अपनी स्कूली की पढ़ाई सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुंबई से की। अभिनय में रुचि बचपन से थी, वह स्कूल और कॉलेज के नाटक में प्रमुखता से भाग लेते थे। इसके बाद उन्होंने पुणे स्थित फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII) से अभिनय का प्रशिक्षण प्राप्त किया। सतीश शाह का  शुरुआती सपना अभिनेता बनना था जिसे उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा से साकार किया।

फिल्मी करियर और उपलब्धियां

Rip Comedian Satish Shah : सतीश शाह ने वर्ष 1978 में पहली फिल्म ‘अरविंद देसाई की अजीब दास्तान’ से बॉलीवुड में कदम रखा। लेकिन 1983 में ‘जाने भी दो यारों’ में नगर निगम आयुक्त डी’मेलो का किरदार उन्हे एक अलग ही पहचान मिली । इस रोल में किए गए हास्य अभिनय को आज भी हिंदी सिनेमा के श्रेष्ठ हास्य पात्रों में गिना जाता है। शाह ने 250 से अधिक हिंदी फिल्मों और टीवी धारावाहिकों में काम किया है

प्रमुख उपलब्धियां

  • सतीश शाह ने 250 से अधिक फिल्मों और अनगिनत टीवी सीरियल्स में काम किया था।
  • ‘जाने भी दो यारो’, ‘मैं हूं ना’, ‘कल हो ना हो’, ‘ओम शांति ओम’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे’ जैसी प्रमुख चर्चित फिल्मों में यादगार किरदार निभाए ।
  • उन्हें सबसे ज्यादा लोकप्रियता ‘साराभाई vs साराभाई’ में इंद्रवदन साराभाई की भूमिका से मिली
  • 1984 के शो ‘ये जो है जिंदगी’ में 50 से अधिक किरदार निभाकर उन्होंने अपनी हास्य अभिनय में एक अलग पहचान बनाई है।

Rip Comedian Satish Shah : व्यक्तिगत जीवन

Rip Comedian Satish Shah

सतीश शाह ने मधु शाह से विवाह किया था, उनका परिवार हमेशा उनके साथ रहता था । उनके मित्रों और सहकर्मियों के अनुसार, वह अत्यंत विनम्र तथा मददगार व्यक्ति थे। अभिनय के बाद उन्होंने कई वर्षों तक स्पॉटलाइट से दूर रहे। अपने परिवार और मित्रों के साथ समय बिताया करते थे।

निधन और भावुक विदाई

Rip Comedian Satish Shah : 25 अक्टूबर 2025 को मशहूर अभिनेता सतीश शाह का निधन किडनी फेल होने के कारण मुंबई में हुआ। उनके अंतिम संस्कार में बॉलीवुड और टीवी जगत के कई कलाकारों के साथ-साथ उनके फैंस भी शामिल हुए। सतीश शाह के जाने से मनोरंजन जगत में गहरा दुख छा गया, क्योंकि उन्होंने फिल्मों और टीवी दोनों में अपनी बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों के दिलों में अपनी एक खास जगह बनाई थी। उनका जाना फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री के लिए एक युग के अंत जैसा है।

सतीश शाह की विरासत :

सतीश शाह ने अपनी पहचान सिर्फ कॉमेडी में ही नहीं, बल्कि अपने अच्छे स्वभाव और प्रोफेशनल तरीके से काम करने की वजह से भी इंडस्ट्री में खास जगह बनाई। उनकी कॉमिक टाइमिंग, डायलॉग बोलने का अंदाज़ और चेहरे के हावभाव हर किसी को हँसा देते थे। उन्होंने टीवी और फिल्मों दोनों में अपनी एक्टिंग से लोगों के दिलों में जगह बनाई और कॉमेडी की दुनिया को एक नई पहचान मिली। आज भी कई युवा कलाकार उन्हें प्रेरणा मानते हैं।

Rip Comedian Satish Shah : Conclusion

सतीश शाह हिंदी सिनेमा के मशहूर हास्य अभिनेता थे, सतीश शाह ने शो ‘साराभाई vs साराभाई’ में इंद्रवदन साराभाई के किरदार से खूब पहचान मिली। उन्होंने 250 से ज़्यादा फिल्मों में काम किया और अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग, प्यार भरे स्वभाव और करुणा से दर्शकों के दिल जीत लिए। सतीश शाह ने अपने अभिनय से हंसी और भावनाओं का सुंदर मेल पेश किया। 2025 में उनके निधन से फिल्म और टीवी जगत ने एक महान कलाकार को खो दिया।

Rip Comedian Satish Shah : FAQs

Q1: सतीश शाह को सबसे अधिक लोकप्रियता किस शो से मिली थी?
A: ‘साराभाई vs साराभाई’ में इंद्रवदन साराभाई का किरदार ने उनकी एक अलग ही पहचान बना।

Q2: सतीश शाह ने कितनी फिल्मों और टीवी शो में काम किया?
A: सतीश शाह ने कुल मिलाकर 250+ फिल्मों और कई टीवी धारावाहिकों में काम किया था।

Q3: उनका निधन कब हुआ?
A: सतीश शाह का निधन 25 अक्टूबर 2025 को हुआ।

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Swami Vivekananda Yuva Sashaktikaran Yojana 2025:

Swami Vivekananda Yuva Sashaktikaran Yojana 2025
Swami Vivekananda Yuva Sashaktikaran Yojana 2025

Swami Vivekananda Yuva Sashaktikaran Yojana 2025 : के तहत विद्यार्थियों को मिलेगा मुफ्त टैबलेट और डिजिटल शिक्षा सहायता दी जा रही है।

जानें योजना का उद्देश्य, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और इसके फायदे। ये भी पढ़ें..Hyundai Venue 2025 : New Design Feature

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Swami Vivekananda Yuva Sashaktikaran Yojana 2025 क्या है?

Swami Vivekananda Yuva Sashaktikaran Yojana 2025 : उत्तर प्रदेश सरकार  राज्य में युवाओं की शिक्षा और रोजगार क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरुआत की है।

Swami Vivekananda Yuva Sashaktikaran Yojana 2025 : इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को डिजिटल शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना है और मुफ्त टैबलेट या लैपटॉप उपलब्ध कराना है ताकि वे आधुनिक टेक्नोलॉजी से जुड़ सकें।

Swami Vivekananda Yuva Sashaktikaran Yojana 2025 : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू की गई यह योजना के  तहत स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरित है, जो युवाओं को आत्मविश्वास, शिक्षा और आत्मनिर्भरता की भावना को बढ़ाने मै मदद गर होगी ।

योजना का उद्देश्य (Objectives of the Scheme)

  • उत्तर प्रदेश के गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों को डिजिटल माध्यम से जोड़ना ।
  • विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ना।
  • तकनीकी रूप से कुशल जनसंख्या तैयार करना।
  • युवाओं को सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार व प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना।
  • स्वामी विवेकानंद के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करना।

योजना के तहत मिलने वाले लाभ (Benefits)

  • योग्य विद्यार्थियों को मुफ्त टैबलेट या स्मार्टफोन दिया जायेगा।
  • टैबलेट में प्रीलोडेड शैक्षिक ऐप्स और ऑनलाइन लर्निंग पोर्टल्स होंगे।
  • ऑनलाइन क्लासेस, स्किल कोर्स, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी आसानी से की जा सकेगी।
  • इस योजना से लगभग 25 लाख से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।
  • ग्रामीण इलाकों में भी डिजिटल शिक्षा का प्रसार होगा।

पात्रता (Eligibility Criteria)

Swami Vivekananda Yuva Sashaktikaran Yojana 2025: के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को निम्न पात्रता पूरी करनी होगी

  • आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • छात्र राज्य के मान्यता प्राप्त कॉलेज, विश्वविद्यालय या तकनीकी संस्थान में अध्ययनरत हो।
  • पारिवारिक की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
  • आवेदक के पास कोई सरकारी या निजी टैबलेट नहीं होना चाहिए।
  • उम्मीदवार को 10वीं या 12वीं में न्यूनतम 60% अंक प्राप्त  होना चाहिए।

आवेदन प्रक्रिया (Application Process)

Swami Vivekananda Yuva Sashaktikaran Yojana 2025 : यूपी सरकार ने इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। उम्मीदवार निम्नलिखित चरणों में आवेदन कर सकते हैं

  • आधिकारिक पोर्टल पर जाएंवेबसाइट:
         up.gov.in या yuvaup.in
  • Swami Vivekananda Yuva Sashaktikaran Yojana’ लिंक पर क्लिक करें
  • ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें
          नाम, पता, कॉलेज विवरण, परिवार की आय, आदि जानकारी दें।
  • दस्तावेज़ अपलोड करें
    आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, पासपोर्ट फोटो, और मार्कशीट अपलोड करें।
  • सबमिट करें और प्रिंट आउट लें
        आवेदन सबमिट करने के बाद पावती संख्या सुरक्षित रखें।

आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)

  • आधार कार्ड
  • आय प्रमाण पत्र
  • कॉलेज ID या प्रवेश प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • अंक पत्र (10वीं, 12वीं या उच्च शिक्षा)
  • पासपोर्ट साइज फोटो

चयन प्रक्रिया (Selection Process)

  • आवेदन प्राप्त होने के बाद, सरकार द्वारा एक जांच समिति पात्र उम्मीदवारों का चयन करेगी।
  • चयनित उम्मीदवारों की सूची ब्लॉक या जिला स्तर पर जारी की जाएगी।
  • योजना के तहत टैबलेट वितरण का कार्यक्रम कॉलेज या जिला मुख्यालयों पर आयोजित किया जाएगा।

टैबलेट की विशेषताएं (Tablet Features)

इस योजना के तहत दिए जाने वाले टैबलेट में शिक्षा के लिए उपयोगी एप्लिकेशन इंस्टॉल होंगे। इनकी मुख्य विशेषताएं होंगी:

  • 10 इंच की स्क्रीन
  • 4 GB रैम और 64 GB स्टोरेज
  • पिछला और फ्रंट कैमरा
  • दोनोंWiFi और 4G सपोर्ट
  • पहले से इंस्टॉल Diksha App, SWAYAM, BYJU’S, YouTube Learning, आदि

योजना से युवाओं को होने वाले लाभ

  • ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान शिक्षा का अवसर मिलेगा।
  • कोचिंग सेंटर की निर्भरता कम होगी क्योंकि ऑनलाइन लर्निंग आसान होगी।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे SSC, UPSC, UPPSC, आदि) की तैयारी डिजिटल रूप में संभव।
  • डिजिटल इंडिया मिशन को बढ़ावा मिलेगा।रोजगार के नए अवसर और कौशल विकास प्रशिक्षण तक आसान पहुंच।
  • यू पी सरकार की अन्य समान योजना
  • एंमुख्यमंत्री अभ्युदय योजना
  • मुख्यमंत्री फ्री लैपटॉप योजना
  • डिजिटल यूपी प्रोजेक्ट
  • कौशल विकास मिशन

इन योजनाओं के साथ मिलकर Swami Vivekananda Yuva Sashaktikaran Yojana से राज्य में एक डिजिटल क्रांति आ रही है।

योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथि:

कार्यक्रम तिथि
योजना की घोषणा12 जनवरी 2025 (राष्ट्रीय युवा दिवस)
आवेदन प्रारंभ15 जनवरी 2025
आवेदन की अंतिम तिथिकोई निर्दधरित अंतिम तिथि नहीं है

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्र.1: Swami Vivekananda Yuva Sashaktikaran Yojana 2025 क्या है?
ये यूपी सरकार की योजना है जिसमे छात्रों को मुफ्त टैबलेट दिए जाते हैं ताकि वे डिजिटल शिक्षा प्राप्त कर सकें।

प्र.2: योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
इस योजना मैआवेदन ऑनलाइन के माध्यम से यूपी सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जा कर किया जा सकता है।

प्र.3: क्या यह योजना सभी छात्रों के लिए है?
     नहीं, ये योजना केवल उत्तर प्रदेश राज्य के छात्रों के लिए है।

प्र.4: टैबलेट में क्या सुविधाएं होंगी?
    इस टैबलेट में कुछ ऑनलाइन कोर्स, डिजिटल बुक्स और एजुकेशनल एप्स पहले से इंस्टॉल होंगे।

निष्कर्ष (Conclusion)

Swami Vivekananda Yuva Sashaktikaran Yojana 2025 : उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से एक ऐतिहासिक पहल है, जो युवाओं को डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा की ओर ले जाती है।
इस योजना से छात्रों को शिक्षा के अवसर बढ़ा रहे है, और डिजिट इंडिया मिशन के विज़न को भी आगे बढ़ा रही है।
जो छात्र आज इस योजना से जुड़ेंगे, वे कल आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव बनेंगे।

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Disclaimer : यह जानकारी आपकी शिक्षा के उद्देश्य से बनाई गई है। योजनाएं समय समय पर लागू होती है। और समय से पहले रद्द भी हो सकती है। इसलिए आपसे निवेदन है। कि सरकारी योजनाओं को up.gov.in य yuvaup.in पर जांच कर ही कोई फैसला ले.. इसके लिए हमारी वेबसाइट जिम्मेदारी नहीं लेती।
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Kurnool Bus Fire Accident: 20 Dead

Kurnool Bus Fire Accident
Kurnool Bus Fire Accident


Kurnool Bus Fire Accident : कर्नूल बस अग्निकांड आंध्र प्रदेश के कुरनूल में हैदराबाद-बेंगलुरु हाईवे पर बस में लगी भीषण आग में 20 यात्रियों की जलकर मौत हो गई। हादसा मोटरसाइकिल से टक्कर के बाद हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने मुआवज़े की घोषणा की। पूरा विवरण पढ़े :

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Kurnool Bus Fire Accident कुरनूल बस हादसे की पूरी रिपोर्ट (24 अक्टूबर 2025)

Kurnool Bus Fire Accident : कर्नूल बस अग्निकांड आंध्र प्रदेश के कुरनूल ज़िले में शुक्रवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हुआ जिसमें हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही प्राइवेट बस में आग लगने से कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई जबकि 21 अन्य लोग किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे। यह हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग 44 (NH-44) पर चिन्नाटेकुर गांव के पास हुआ।

Kurnool Bus Fire Accident : कर्नूल बस अग्निकांड : हादसा कैसे हुआ?

Kurnool Bus Fire Accident : पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह दुर्घटना करीब रात 2:30 से 3:00 बजे के बीच हुई। बस ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मारी, जिससे बाइक बस के नीचे फँस गई और ईंधन टैंक के फटने से आग फैल गई। देखते ही देखते पूरी बस लपटों में घिर गई। कई यात्री उस समय गहरी नींद में थे, जिससे उन्हें बचने का मौका तक नहीं मिल सका।
एक चश्मदीद ने बताया कि “धुआँ फैलते ही बस रुक गई, लेकिन मुख्य दरवाज़ा लॉक था। हम लोगों ने खिड़कियाँ तोड़कर पीछे की ओर से भागने की कोशिश की।” कई यात्रियों ने आपातकालीन खिड़कियों को तोड़कर बाहर कूदकर अपनी जान बचाई

Kurnool Bus Fire Accident : खौफनाक दृश्य और राहत कार्य

Kurnool Bus Fire Accident
Kurnool Bus Fire Accident

Kurnool Bus Fire Accident : स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने “बस के अंदर से मदद के लिए चीखने की आवाज़ें” सुनीं। जब तक दमकल की चार गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं, बस पूरी तरह राख में तब्दील हो चुकी थी। शवों की पहचान करना मुश्किल हो गया क्योंकि अधिकांश मृतक पूरी तरह से झुलस चुके थे। कुरनूल के सरकारी अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है।

घटना में मरने और बचने वालों की जानकारी

कुरनूल ज़िला कलेक्टर ए. सीरी ने बताया कि बस में कुल 41 यात्री और दो ड्राइवर सवार थे। इनमें से 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया जबकि 20 लोगों की मौत की पुष्टि हुई। मृतकों में अधिकांश हैदराबाद के निवासी बताए जा रहे हैं ।
दोनों ड्राइवर समय रहते बस से उतर गए, लेकिन हादसे के बाद वे मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है

सरकारों की प्रतिक्रिया और सहायता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों के लिए ₹2 लाख और घायलों के लिए ₹50,000 की आर्थिक सहायता की घोषणा की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस दर्दनाक हादसे पर संवेदना व्यक्त की है

तेलंगाना सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। साथ ही, घायलों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और इलाज के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। तेलंगाना के परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने भी इस मदद की पुष्टि की और कहा कि राज्य सरकार सभी प्रभावितों की हरसंभव मदद करेगी।

Kurnool Bus Fire Accident : Conclusion

कुरनूल बस हादसा एक बार फिर हमें सड़क सुरक्षा और वाहन निरीक्षण की अनिवार्यता की याद दिलाता है। यात्रियों की वह रात न केवल कुरनूल बल्कि पूरे देश को झकझोर देने वाली थी। ज़िंदगियाँ पलक झपकते ही लपटों में समा गईं ,लेकिन सवाल अभी बाकी है कि क्या अगली बार भी कोई बस ऐसे ही राख बनेगी या सिस्टम अब जागेगा ।

कुरनूल बस अग्निकांड से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQ)

Q 1. कुरनूल बस अग्निकांड कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर: यह दर्दनाक हादसा 24 अक्टूबर 2025 की तड़के आंध्र प्रदेश के कुरनूल ज़िले में राष्ट्रीय राजमार्ग 44 (हैदराबाद-बेंगलुरु हाईवे) पर चिन्नाटेकुर गांव के पास हुआ था।

Q2. इस हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
उत्तर: हादसे में 20 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 21 लोग किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे।

Q3. बस में आग लगने की वजह क्या थी?
उत्तर: पुलिस के अनुसार, बस ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मारी थी, जिससे बाइक बस के नीचे फँस गई और उसका ईंधन टैंक फटने से आग लग गई।

Q4. हादसे के समय बस कहाँ से कहाँ जा रही थी?
उत्तर: यह बस हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही थी और NH-44 पर यात्रा के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

Q5. हादसे में ड्राइवरों का क्या हुआ?
उत्तर: दोनों ड्राइवर हादसे के बाद समय रहते बस से उतर गए, लेकिन बाद में वे मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

Q6. घायलों का इलाज कहाँ चल रहा है?
उत्तर: सभी घायलों को कुरनूल के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है।

Q7. प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया और मृतकों के परिजनों के लिए ₹2 लाख तथा घायलों के लिए ₹50,000 की आर्थिक सहायता की घोषणा की।

Q8. तेलंगाना सरकार ने क्या सहायता घोषित की है?
उत्तर: तेलंगाना सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

Q9. इस हादसे से क्या सबक मिलता है?
उत्तर: यह घटना बताती है कि सड़क सुरक्षा और वाहन निरीक्षण की सख्त आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को टाला जा सके।

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