CM Yogi Ka Plan Ghushpaitiyan Ko Pakdo, UP Ko Saf Kare : घुसपैठियों से मुक्त UP i

CM Yogi Ka Plan Ghushpaitiyan Ko Pakdo, UP Ko Saf Kare

CM Yogi Ka Plan Ghushpaitiyan Ko Pakdo, UP Ko Saf Kare : योगी जी का सुरक्षा अभियान: घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, यूपी को बनाया जा रहा है घुसपैठियों से मुक्त। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर योगी सरकार की बड़ी योजना। जानिए क्यों जरूरी है ये कदम। ये भी पढ़ें….Lucknow Engineer Murder Case : लिव-इन पार्टनर और बेटियों ने की इंजीनियर की हत्या

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CM Yogi Ka Plan Ghushpaitiyan Ko Pakdo, UP Ko Saf Kare : अभियान का उद्देश्य

  • योगी सरकार के ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ अभियान का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करना और कानून-व्यवस्था को मजबूत रखना है।
  • इसके तहत घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा जाता है, ताकि अपराध और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सके।
  • अभियान से प्रदेशवासियों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से मिल सके और असली हकदारों तक ही योजनाओं का लाभ पहुंचे।
  • सरकारी धन की बर्बादी रुकेगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे

कार्रवाई के मुख्य पहलू में घुसपैठियों की व्यवस्थित पहचान, सत्यापन और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शामिल है

  • घर-घर जाकर बाहरी मजदूरों, किराएदारों और अस्थायी रूप से रहने वाले लोगों का सत्यापन किया जा रहा है।
  • आधार कार्ड, पहचान-पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाती है ताकि गैर-कानूनी निवास को रोका जा सके।
  • अनियमितता पाए जाने पर घुसपैठियों को डिटेंशन सेंटर में रखा जाता है, जहां उनकी बायोमीट्रिक प्रोफाइल तैयार की जाती है।
  • घुसपैठियों के नाम नेगेटिव लिस्ट में डाले जाते हैं और यह लिस्ट देशभर में शेयर की जाती है।
  • फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क पर शिकंजा कसा जा रहा है।

डिटेंशन सेंटर और टेक्नोलॉजी का उपयोग

  • डिटेंशन सेंटर और टेक्नोलॉजी का उपयोग योगी सरकार के ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • घुसपैठियों को डिटेंशन सेंटर में रखा जाता है, जहां उनकी बायोमीट्रिक प्रोफाइल बनाई जाती है, जिसमें फिंगर प्रिंट और फेशियल रिकॉग्निशन शामिल है।
  • इन सेंटर्स में सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य रखी जाती है, ताकि घुसपैठियों का रिकॉर्ड सही ढंग से रखा जा सके।
  • घुसपैठियों के नामों को नेगेटिव लिस्ट में डाला जाता है, जिसे देशभर में शेयर किया जाता है, ताकि वे कहीं भी फर्जी दस्तावेजों के जरिए नाम छिपा न सकें।
  • फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क पर भी शिकंजा कसा जा रहा है, जिससे घुसपैठियों को रोकने में टेक्नोलॉजी की भूमिका बहुत अहम है।

सामाजिक और आर्थिक प्रभाव : CM Yogi Ka Plan Ghushpaitiyan Ko Pakdo, UP Ko Saf Kare

  • इस अभियान से सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ पात्र लोगों तक पहुंच रहा है, जिससे संसाधनों पर अनधिकृत बोझ कम हुआ है।
  • अपराधियों और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगने से प्रदेश में अपराध की संख्या में कमी आई है, जिससे समाज की सुरक्षा बढ़ी है।
  • आर्थिक रूप से, सरकारी धन की बर्बादी रुकी है और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिल रहे हैं, क्योंकि घुसपैठियों के कारण नौकरियों पर दबाव कम हुआ है।
  • इस तरह यह अभियान न केवल सुरक्षा बढ़ा रहा है, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था को भी स्थिर बनाने में मदद कर रहा है।

जनता से अपील और सहयोग

  • योगी सरकार ने जनता से अपील की है कि वे घरेलू या व्यावसायिक कार्यों में किसी को नियोजित करने से पहले उसकी पहचान और दस्तावेजों की सत्यापन करें।
  • इसके अलावा, सीएम योगी ने जनता को सुरक्षा अभियान में सहयोग करने की अपील की है, ताकि घुसपैठियों को पकड़ने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने में आसानी हो।
  • जनता के सहयोग से प्रदेश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था मजबूत होगी, और समाज की समृद्धि बढ़ेगी।
  • यह अभियान सिर्फ सरकारी नहीं, बल्कि सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

FAQs : CM Yogi Ka Plan Ghushpaitiyan Ko Pakdo, UP Ko Saf Kare

Q1. घुसपैठियों की पहचान कैसे होती है?
A1. घर-घर जाकर बाहरी मजदूरों, किराएदारों और अस्थायी रूप से रहने वाले लोगों का आधार कार्ड, पहचान-पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाती है।

Q2. घुसपैठियों को कहाँ रखा जाता है?
A2. घुसपैठियों को डिटेंशन सेंटर में रखा जाता है, जहां उनकी बायोमेट्रिक प्रोफाइल (फिंगर प्रिंट, फेशियल रिकॉग्निशन) बनाई जाती है।

Q3. डिटेंशन सेंटर में क्या सुविधाएँ मिलती हैं?
A3. डिटेंशन सेंटर में खाने-पीने, इलाज और सुरक्षा की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। CM Yogi Ka Plan Ghushpaitiyan Ko Pakdo, UP Ko Saf Kare

Q4. घुसपैठियों के नाम क्या किया जाता है?
A4. घुसपैठियों के नाम नेगेटिव लिस्ट में डाले जाते हैं और यह लिस्ट देशभर में शेयर की जाती है, ताकि वे फिर से फर्जी दस्तावेजों से नाम न छिपा सकें।

Q5. फर्जी दस्तावेज बनाने वालों पर क्या कार्रवाई होती है?A5. फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क पर शिकंजा कसा जा रहा है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है।

Q6. इस अभियान से स्थानीय लोगों को क्या फायदा है?A6. असली हकदारों तक ही सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचता है, अपराध और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण रहता है, और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलते हैं।

Q7. जनता की क्या भूमिका है?
A7. जनता से अपील की गई है कि वे किसी को नियुक्त करने से पहले उसकी पहचान और दस्तावेजों की सत्यापन करें, और सरकारी अभियान में सहयोग करें।