CM Nitish Kumar Pulled Hijab: मुस्लिम महिला का खींचा हिजाब मचा बवाल!

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December 16, 2025

CM Nitish Kumar Pulled Hijab: पटना में CM नीतीश कुमार द्वारा मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब खींचने का वीडियो वायरल, RJD‑कांग्रेस का हमला । पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

घटना कहाँ और कैसे हुई?

CM Nitish Kumar Pulled Hijab: यह मामला पटना स्थित ‘संवाद’ भवन में आयोजित एक सरकारी समारोह का है, जहाँ नव नियुक्त AYUSH डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र बांटे जा रहे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस कार्यक्रम में 1000 से ज्यादा AYUSH डॉक्टरों को अपॉइंटमेंट लेटर दिए जा रहे थे और मंच पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा समेत कई मंत्री मौजूद थे।

इसी कार्यक्रम के दौरान जब एक मुस्लिम महिला डॉक्टर, डॉ. नुसरत परवीन, अपने नियुक्ति पत्र के लिए मंच पर पहुँचीं, तो वे हिजाब और बुर्का पहने हुई थीं। वीडियो में साफ दिखता है कि नीतीश कुमार पहले उनके सिर की तरफ इशारा करते हैं, उनसे कुछ कहते हैं और फिर अचानक उनका हिजाब नीचे की ओर खींच देते हैं, जिससे उनका चेहरा सबके सामने आ जाता है।

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वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?

CM Nitish Kumar Pulled Hijab: वायरल क्लिप में नजर आता है कि डॉ. नुसरत परवीन जैसे ही नियुक्ति पत्र लेने आगे बढ़ती हैं, नीतीश कुमार उनसे उनके हिजाब के बारे में कुछ पूछते हुए दिखते हैं। इसके बाद वे महिला के हिजाब को हाथ से पकड़कर नीचे की तरफ खींचते हैं, जिससे उनका मुख और ठुड्डी खुलकर कैमरे में आ जाते हैं।

वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि पीछे खड़े उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एक पल के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाते हैं, मानो वे मुख्यमंत्री की इस हरकत को रोकना चाहते हों। वहां मौजूद अन्य अधिकारी और नेता भी कुछ क्षणों के लिए असहज दिखते हैं, जबकि खुद महिला डॉक्टर स्पष्ट रूप से असुविधाजनक महसूस करती नजर आती हैं।

नीतीश कुमार ने हिजाब क्यों खींचा?

CM Nitish Kumar Pulled Hijab: यही सवाल अब सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है – CM नीतीश कुमार ने मुस्लिम महिला का हिजाब आखिर क्यों खींचा? इस सवाल का सीधा और स्पष्ट जवाब अभी तक सामने नहीं आया है, क्योंकि घटना के बाद नीतीश कुमार की ओर से कोई ठोस आधिकारिक सफाई सार्वजनिक रूप से जारी नहीं की गई है।

कुछ टीवी बहसों और रिपोर्ट्स में अनुमान लगाया जा रहा है कि उन्होंने इसे ‘हल्के मिज़ाज’ या ‘जोक के तौर पर’ किया होगा, या शायद वे यह देखना चाहते थे कि महिला ने चेहरा क्यों ढका हुआ है। लेकिन चूँकि खुद मुख्यमंत्री ने कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण नहीं दिया, इसलिए ऐसी सभी बातें केवल कयास हैं, जिन्हें तथ्य के रूप में पेश करना पत्रकारिता के लिहाज से उचित नहीं होगा।

विपक्ष का हमला: महिला की गरिमा और धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला,

CM Nitish Kumar Pulled Hijab: घटना के तुरंत बाद RJD, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस वीडियो को शेयर कर नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला। RJD ने X (पूर्व Twitter) पर पोस्ट कर पूछा, नीतीश जी को क्या हो गया है? उनकी मानसिक स्थिति दयनीय हो चुकी है या वे 100% संघी बन चुके हैं? – इस तरह के शब्दों के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री के आचरण पर सवाल उठाए।

कांग्रेस पार्टी ने इस कृत्य को ‘shameless’ और ‘despicable act’ अर्थात शर्मनाक और घृणित बताया और कहा कि किसी भी महिला के धार्मिक लिबास के साथ सार्वजनिक मंच पर ऐसी छेड़छाड़ अस्वीकार्य है। कई विपक्षी नेताओं ने इसे महिलाओं की गरिमा, निजता और धार्मिक पहचान पर सीधा हमला करार देते हुए मुख्यमंत्री से माफी और स्पष्टीकरण की मांग की।

सोशल मीडिया पर गुस्सा और बहस

CM Nitish Kumar Pulled Hijab: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स X, Instagram और Facebook पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया, जहाँ #NitishKumar, #HijabRow, #NusratParveen जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। बड़ी संख्या में लोग इसे मुस्लिम महिलाओं की धार्मिक पहचान के साथ छेड़छाड़ और बॉडी ऑटोनॉमी के उल्लंघन के रूप में देख रहे हैं।

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने लिखा कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह राज्य का मुख्यमंत्री ही क्यों न हो, किसी महिला के कपड़ों या हिजाब को उसकी अनुमति के बिना हाथ नहीं लगा सकता। कुछ लोगों ने इसे आज के राजनीतिक माहौल से जोड़कर यह भी कहा कि मुसलमानों की बाहरी पहचान, जैसे हिजाब और दाढ़ी, को लगातार निशाने पर लिया जा रहा है।

महिला डॉक्टर की पहचान और स्थिति

CM Nitish Kumar Pulled Hijab: रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन महिला डॉक्टर का हिजाब खींचा गया, उनका नाम डॉ. नुसरत परवीन बताया गया है, जो नव नियुक्त AYUSH डॉक्टरों में शामिल हैं। वे नियुक्ति पत्र लेने के लिए मंच पर पहुँची थीं और अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार हिजाब और बुर्का पहनकर थीं।

अब तक मुख्यधारा मीडिया में उनका कोई विस्तृत इंटरव्यू सामने नहीं आया है, जिसमें वे खुद विस्तार से बताती हों कि उस पल उन्हें कैसा महसूस हुआ और वे इस घटना को किस तरह देखती हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह जरूर बताया गया है कि वे उस समय स्पष्ट रूप से असहज नजर आईं, लेकिन उनके प्रत्यक्ष बयान के बिना उनकी प्रतिक्रिया पर ज्यादा अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।

कानूनी और नैतिक सवाल : CM Nitish Kumar Pulled Hijab

इस घटना ने कई अहम कानूनी और नैतिक प्रश्न खड़े कर दिए हैं:

  • क्या बिना अनुमति किसी महिला के हिजाब या कपड़े को हाथ लगाना उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता और शारीरिक स्वायत्तता का उल्लंघन नहीं है?
  • क्या यह कृत्य भारतीय संविधान द्वारा दिए गए धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ जाता है, खासकर जब महिला खुद अपनी मर्ज़ी से हिजाब पहन रही हो?
  • क्या किसी मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को सार्वजनिक मंच पर इस तरह का ‘जोक’ या ‘एक्सपेरिमेंट’ करने की छूट दी जा सकती है?

कई सामाजिक कार्यकर्ता और अल्पसंख्यक संगठनों ने इसे ‘public humiliation’ और ‘misconduct’ की श्रेणी में रखते हुए कड़ी निंदा की है, हालांकि अभी तक किसी बड़े आपराधिक केस या FIR की खबर सामने नहीं आई है।

Conclusion: सवाल अब भी बाकी…

फिलहाल, सबसे बड़ा सवाल यही है कि नीतीश कुमार ने सार्वजनिक मंच से डॉ. नुसरत परवीन का हिजाब क्यों खींचा और वे इस पर क्या सफाई देंगे।
जब तक मुख्यमंत्री खुद आगे आकर यह नहीं बताते कि उनकी असल मंशा क्या थी, तब तक यह मामला राजनीतिक विवाद, सोशल मीडिया बहस और महिलाओं‑अल्पसंख्यकों की गरिमा के मुद्दे के रूप में चर्चा में बना रहेगा।
आपके अनुसार, किसी भी मुख्यमंत्री या बड़े नेता को सार्वजनिक मंच पर महिलाओं और उनकी धार्मिक पहचान के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए?

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