Diwali 2025 India : 20 Oct या 21 oct

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October 12, 2025

Diwali 2025 India : रोशनी, खुशियों और समृद्धि का महापर्व – जानिए दीपावली का महत्व, कहानी और पूजा विधि, ये भी जानिए कब मनाएं 20 अक्टूबर या 21 अक्टूबर।

Diwali 2025 India : का पर्व भारत में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। जानिए दिवाली का महत्व, इतिहास, पूजन विधि, कथा और त्योहार की 5 दिन की विशेषताएँ। मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा कर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाएं। ये भी देखे…

Diwali 2025 India : दीपावली का महत्व और शुरुआत :

Diwali 2025 India : दीपावली या दीवाली भारत का सबसे बड़ा और प्रमुख त्यौहार है। इसे “रोशनी का त्योहार” कहा जाता है क्योंकि इस दिन अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक रूप में मनाया जाता है। यह त्यौहार हर साल कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। हिन्दू धर्म के साथ-साथ जैन, सिख और कुछ बौद्ध समुदाय भी इस पर्व को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं।
इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और बुद्धि के देवता भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है ताकि घर में सुख-समृद्धि और वैभव का आगमन हो सके।

Diwali 2025 India : दीपावली के पीछे की कथाएँ :

दीवाली का संबंध अनेक ऐतिहासिक और पौराणिक कथाओं से जुड़ा हुआ है।

  • रामायण के अनुसार: जब भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा कर राक्षस रावण का वध करके अयोध्या लौटे, तब नगरवासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया। अयोध्या दीपों से जगमगा उठी और तभी से इस दिन को दीपावली के रूप में मनाया जाता है।
  • भगवान कृष्ण और नरकासुर की कथा: कहा जाता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध किया था और उसके अत्याचारों से लोगों को मुक्त कराया था। इस जीत की खुशी में लोगों ने दीप जलाएं।
  • मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कथा: यह भी माना जाता है कि दीपावली के दिन मां लक्ष्मी ने भगवान विष्णु को अपना पति रूप में स्वीकार किया था, इसलिए इस दिन लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व है।

Diwali 2025 India : दीपावली उत्सव की खासियतें


दीवाली 5 दिनों तक चलने वाला महापर्व है, जो धन और खुशियों का प्रतीक है –

1-धनतेरस – इस दिन धन और आरोग्य की कामना की जाती है।
2-नरक चतुर्दशी (छोटी दीवाली) – नरकासुर के वध की कथा का स्मरण।
3-मुख्य दीपावली – लक्ष्मी पूजन का दिन, जब घरों में दीप जलाए जाते हैं।
4-गोवर्धन पूजा – भगवान कृष्ण की आराधना और गोवर्धन पर्वत की पूजा।
5-भाई दूज – भाई-बहन के प्रेम का पर्व।

Diwali 2025 India : इन पांच दिनों में लोग अपने घरों को दीपों, रंगोली, लाइट्स और फूलों से सजाते हैं। स्वादिष्ट पकवान, मिठाइयाँ और नमकीन बनाए जाते हैं। हर जगह उत्साह, खुशी और अपार ऊर्जा का वातावरण होता है। रिश्तेदारों और दोस्तों के बीच उपहारों का आदान-प्रदान होता है, जिससे रिश्तों में नयापन आता है। यही समय व्यापारियों के लिए भी सबसे लाभकारी होता है क्योंकि लोग नए कपड़े, गहने, इलेक्ट्रॉनिक्स और उपहार खरीदते हैं।

Diwali 2025 India : दीपावली पूजन सामग्री :


दीपावली पूजा के लिए निम्न सामग्री आवश्यक होती है:
चंदन, रोली, कुमकुम, अक्षत, सुपारी, नारियल, देशी घी, दीपक, गंगाजल, शहद, चीनी, दही, दूध, फल-फूल, मिठाइयाँ, आम के पत्ते, कपूर, आरती की थाल, खील, बताशे, धूप, सिक्के।

Diwali 2025 India : दीपावली पूजा विधि

  • 1- पूजा स्थल को साफ करें और चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएँ।
  • 2- चौकी पर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें। गणेश जी को दाहिनी ओर रखें।
  • 3- भगवान कुबेर, मां सरस्वती और कलश की स्थापना करें।
  • 4- गंगाजल छिड़ककर स्थान को पवित्र करें।
  • 5- हाथ में पुष्प लेकर गणेश जी का ध्यान करें और ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करें।
  • 6- सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें, उन्हें दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
  • 7- मां लक्ष्मी को सिंदूर का तिलक लगाएँ और श्रीसूक्त मंत्र का जाप करते हुए पूजन करें।
  • 8- भगवान कुबेर और मां सरस्वती की पूजा करें।
  • 9- सभी देवताओं की आरती करें और भोग लगाएँ।
  • 10- परिवार के सभी सदस्यों में प्रसाद वितरित करें।
  • 11- अंत में दीप जलाकर मां लक्ष्मी और गणेश जी के सामने दीपमाल जलाएँ।

Diwali 2025 India : निष्कर्ष

दीपावली केवल रोशनी का पर्व नहीं, बल्कि यह हमारे जीवन में अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने, नकारात्मकता से सकारात्मकता अपनाने और भाईचारे, प्रेम व समृद्धि के मूल्यों को जगाने का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर दीपक की रोशनी हर घर में खुशियों की किरणें लाती है।

Diwali 2025 India : FAQs

Q1. दीपावली 2025 में कब है?
दीपावली 2025 का मुख्य पर्व 20 अक्टूबर, सोमवार को मनाया जाएगा। यह तिथि कार्तिक अमावस्या के दिन होती है।

Q2. दीपावली का धार्मिक महत्व क्या है?
दीपावली अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक पर्व है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है ताकि घर में सुख, शांति और समृद्धि आए।

Q3. दीपावली क्यों मनाई जाती है?
रामायण के अनुसार, भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में दीप जलाए गए थे। इसी परंपरा को आज भी दीपों के पर्व के रूप में मनाया जाता है।

Q4. दीपावली के कितने दिन होते हैं और उनके नाम क्या हैं?
दीपावली पांच दिनों तक मनाई जाती है – धनतेरस, नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली), मुख्य दीवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज।

Q5. दीपावली की पूजा कैसे की जाती है?
लाल या पीले कपड़े पर मां लक्ष्मी, गणेश जी, भगवान कुबेर और मां सरस्वती की मूर्तियाँ स्थापित की जाती हैं। गंगाजल, दीपक, मिठाई और फूलों से पूजा की जाती है, फिर आरती उतारकर दीप जलाए जाते हैं।

Q6. दीपावली पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?
धनतेरस और दीपावली पर सोना, चांदी, बर्तन, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएँ खरीदना शुभ माना जाता है। यह धन और समृद्धि का प्रतीक है।

Q7. दीपावली पर्व के दौरान कौन-कौन से व्यंजन बनाए जाते हैं?
इस त्योहार पर मिठाइयों जैसे गुलाब जामुन, लड्डू, गुजिया, नमकीन और चिप्स, मठरी जैसे पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं।

Q8. दीपावली केवल हिन्दुओं द्वारा ही मनाई जाती है?
नहीं, दीपावली जैन, सिख और कुछ बौद्ध समुदायों द्वारा भी मनाई जाती है, हालांकि उनकी अपनी धार्मिक मान्यताएं होती हैं।

Q9. दीपावली पर लक्ष्मी पूजन का समय कब होता है?
दीपावली पूजन प्रदोष काल या निशीथ काल में करना सबसे शुभ माना गया है, जो सूर्यास्त के बाद का समय होता है।

Q10. दीपावली का मुख्य संदेश क्या है?
दीपावली का मुख्य संदेश है – “अंधकार से प्रकाश की ओर, बुराई से अच्छाई की ओर, और नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर बढ़ना।”

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