
Lucknow Engineer Murder Case : लखनऊ हत्या कांड: 35 वर्षीय इंजीनियर की लिव-इन पार्टनर और उसकी बेटियों ने चाकू से गला रेतकर हत्या की। जानिए कारण, जांच और सामाजिक प्रभाव। ये भी पढ़ें….Student Brutally Beaten For Speaking Hindi: हिंदी बोलने पर छात्र को बेरहमी से पीटा
Lucknow Engineer Murder Case : घटना क्या है?
Lucknow Engineer Murder Case : लखनऊ के बीबीडी थाना क्षेत्र के ग्रीन सिटी, सालारगंज इलाके में एक 35 वर्षीय इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह अपनी 46 वर्षीय लिव-इन पार्टनर रत्ना देवी और उसकी दो बेटियों (17-18 वर्ष और 14 वर्ष) के साथ रहता था। रविवार देर रात करीब 11 बजे घर में लगातार झगड़े के बाद रत्ना ने अपनी बेटियों के साथ मिलकर सूर्य को कमरे में गिराकर किचन के चाकू से उसका गला रेत दिया।
आरोप है कि इंजीनियर बड़ी बेटी पर गलत नजर रखता था और उस पर छेड़छाड़ की कोशिश करता था, जिससे घर में अक्सर तनाव रहता था। हत्या के बाद रत्ना और उसकी दोनों बेटियां कई घंटे तक लाश के पास बैठी रहीं और सुबह करीब 9 बजे रत्ना ने खुद पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और आरोपियों को हिरासत में ले लिया। इस मामले में धारा 302 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया गया है और जांच जारी है।
हत्या के बाद लाश के पास बैठना और पुलिस को खुद फोन करना : Lucknow Engineer Murder Case

Lucknow Engineer Murder Case : इस हत्या कांड में मुख्य आरोपी लिव-इन पार्टनर रत्ना देवी और उसकी दो बेटियां (17-18 वर्ष और 14 वर्ष) हैं। तीनों ने मिलकर इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह को कमरे में गिराकर किचन के चाकू से उसका गला रेत दिया। घटना के बाद रत्ना और उसकी बेटियां कई घंटे तक लाश के पास बैठी रहीं और फिर रत्ना ने खुद पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी।
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने न केवल हत्या में सीधी भूमिका निभाई, बल्कि घटना के बाद भी घर में लाश के पास बैठे रहने का अनोखा व्यवहार किया और खुद पुलिस को बुलाकर अपना जुर्म कबूल किया। इससे आरोपियों की संलिप्तता स्पष्ट होती है और पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया है।
लिव-इन रिश्ते की शुरुआत, परिवार का विरोध और आर्थिक विवाद
Lucknow Engineer Murder Case : इस मामले में लिव-इन रिश्ते की शुरुआत रत्ना देवी और इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह के बीच ट्यूशन और जान-पहचान के जरिए हुई थी। रत्ना के पति की मौत के बाद दोनों एक-दूसरे के करीब आए और परिवारों के विरोध के बावजूद कई सालों से लिव-इन रिश्ते में रह रहे थे। इस रिश्ते को लेकर दोनों परिवारों का विरोध रहा, जिसकी वजह से घर में अक्सर तनाव बना रहता था।
इसके अलावा, आर्थिक विवाद भी बना रहा। मृतक के परिवार का आरोप है कि रत्ना और उसकी बेटियां इंजीनियर को आर्थिक रूप से शोषण कर रही थीं और उनकी संपत्ति हड़पने की साजिश भी चल रही थी। ये आर्थिक विवाद और परिवार का विरोध रिश्ते में तनाव को और बढ़ाते रहे, जिसने घटना को और भी जटिल बना दिया।
पीड़ित का पेशा, उम्र, और आरोपियों के बारे में जानकारी।

Lucknow Engineer Murder Case : पीड़ित इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह की उम्र 35 वर्ष थी और वह लखनऊ में एक प्राइवेट कंपनी में एक्सिक्यूटिव इंजीनियर के पद पर लगभग 8–10 साल से काम कर रहे थे। उनका मूल निवास देवरिया था। आरोपी महिला रत्ना देवी की उम्र 46 वर्ष है और वह अपनी दो बेटियों (17-18 वर्ष और 14 वर्ष) के साथ लिव-इन रिश्ते में सूर्य प्रताप सिंह के साथ रहती थी। रत्ना के पति की मौत के बाद वह और उसकी बेटियां इंजीनियर के साथ रहने लगी थीं। इस घटना में रत्ना और उसकी दोनों बेटियों को मुख्य आरोपी माना जा रहा है।
झगड़े की वजह: बेटी के साथ दुर्व्यवहार और आर्थिक तनाव
Lucknow Engineer Murder Case : इस हत्या कांड में झगड़े की मुख्य वजह यह बताई जा रही है कि इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह रत्ना देवी की बड़ी बेटी के साथ दुर्व्यवहार करता था और उस पर गलत इरादे रखता था, जिससे घर में लगातार तनाव और झगड़े होते रहे। इसके अलावा, आर्थिक तनाव भी बना रहा। इंजीनियर और रत्ना के बीच पैसों को लेकर भी बार-बार विवाद होते थे, जिससे रिश्ते में तनाव और बढ़ गया था।
परिवार द्वारा लगाए गए आरोप: साजिश, आर्थिक शोषण।
Lucknow Engineer Murder Case : मृतक इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह के परिवार ने आरोप लगाया है कि रत्ना देवी और उसकी बेटियों ने इंजीनियर की हत्या के लिए साजिश रची थी। उनका आरोप है कि आरोपियों ने इंजीनियर को आर्थिक रूप से शोषण किया और उनकी संपत्ति हड़पने की योजना बनाई थी। परिवार का मानना है कि यह हत्या केवल झगड़े के बाद नहीं, बल्कि आर्थिक फायदे के लिए पहले से सोची-समझी साजिश के तहत की गई थी।
पुलिस और कानूनी दृष्टिकोण – Lucknow Engineer Murder Case
Lucknow Engineer Murder Case : पुलिस ने घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और आरोपियों रत्ना देवी व उसकी बेटियों को हिरासत में ले लिया। घटनास्थल से खून से सना चाकू और अन्य साक्ष्य जब्त किए गए हैं। पुलिस ने धारा 302 आईपीसी (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है और जांच के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है।
आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है, साथ ही मोबाइल डेटा, पड़ोसियों के बयान और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या अचानक गुस्से में हुई या पहले से साजिश के तहत की गई थी। कानूनी दृष्टिकोण से आरोपियों को न्यायिक हिरासत में रखा जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
सामाजिक और नैतिक चर्चा
Lucknow Engineer Murder Case : इस घटना ने समाज में लिव-इन रिश्तों, महिला सुरक्षा और बच्चों की भूमिका को लेकर गहन चर्चा छेड़ दी है। लिव-इन रिश्ते आजकल बढ़ रहे हैं, लेकिन इनमें विवाहित जीवन की तुलना में कानूनी और सामाजिक सुरक्षा कम होती है, जिससे अक्सर विवाद और हिंसा की संभावना बढ़ जाती है। इस केस में एक महिला और उसकी दो नाबालिग बेटियों की भूमिका ने यह सवाल उठाया है कि बच्चों को ऐसी हिंसक घटनाओं में कैसे शामिल किया जा रहा है और उनकी सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा।
इस तरह के मामले बताते हैं कि समाज को न केवल लिव-इन रिश्तों की चुनौतियों के बारे में जागरूक होना चाहिए, बल्कि बच्चों के साथ हिंसा और दुर्व्यवहार के खिलाफ भी सख्त कानून और समाजिक निगरानी की जरूरत है। इस घटना ने यह भी उजागर किया है कि आर्थिक तनाव और पारिवारिक विवाद भी कैसे ऐसी घटनाओं को जन्म दे सकते हैं, जिससे समाज को इन मुद्दों पर गहन विचार करने की जरूरत है।