Karwachauth Pooja Time : तारीख और समय 2025

Karwachauth Pooja time

Karwachauth Pooja Time : जानिए करवाचौथ 2025 में कब, 9 तारीख या 10 तारीख को सही मुहूर्त और व्रत का सही समय।

Karwachauth Pooja Time : व्रत की तारीख और पूजा का सही समय मुहूर्त के अनुसार पूजा का समय- 05:57pm सायंकाल से लेकर 07:11pm सायंकाल तक रहेगा,

Karwachauth Pooja Time : उपवास करने का समय 06:19 am सुबह से सायं 08:13 pm तक, चतुर्थी की तिथि होगी – 10:54 PM on 09 अक्टूबर 2025 की रात्रि 10:54 मिनट से।

Karwachauth Pooja Time : साफ शब्दों में कहे तो, 09 अक्टूबर 2025 की रात्रि 10:54 से उपवास प्रारंभ करके 10 October 2025 को सायं 8:13 मिनट तक रहेगा।

Karwachauth Pooja Time : जानिए करवाचौथ : व्रत कथा

बहुत प्राचीन समय की बात है। एक ब्राह्मण थे, उनके सात पुत्र और एक पुत्री थी। ब्राह्मण की पुत्री का नाम करवा था। करवा बहुत ही प्यारी और भाइयों से प्रेम करने वाली थी।
करवा का विवाह हुआ और वो ससुराल गई। तो पहली बार करवा ने करवाचौथ का व्रत किया। करवा ने सूर्योदय से पहले कुछ नहीं खाया, और सारा दिन बिना अन्न,जल के व्रत रखा।
शाम के समय जब चांद निकलने का समय हुआ, तो करवा के सातों भाइयों ने देखा कि बहन बहुत भूखी और प्यास से व्याकुल है। सबसे छोटे भाई से यह सब देखा नहीं गया। और उसने बहन करवा के साथ छल किया। घर से काफी दूर एक पीपल के पेड़ पर दीपक जलाया और छलनी के पीछे रख दिया।

भाई ने कहा- देखो बहन चांद निकल आया।
करवा ने सोचा कि सचमुच चांद निकल आया है। उसने जल पिया और भोजन कर लिया।
लेकिन ऐसा करते ही, उसके पति की मृत्यु हो गई। करवा बहुत रोने लगी तभी देवी पार्वती ने दर्शन दिया और कहा कि, करवा तुम्हारे भाइयों के छल के कारण तुम्हारे पति अब नही रहे।
अगर तुम सच्चे मन से एक वर्ष तक करवाचौथ का व्रत करती हो, तो तुम्हारा पति फिर से जीवित हो जाएगा।
करवा ने पूरे वर्ष पूर्ण श्रद्धा भक्ति से व्रत किया। और अगले साल जब व्रत पूरा हुआ। तो दैवी पार्वती प्रसन्न हुई। और करवा के पति को जीवित कर दिया।
तब से प्रत्येक वर्ष स्त्रियां पति की लम्बी आयु और और अखंड सौभाग्य के लिए व्रत करती हैं।

कथा सुनने के बाद अंत में जरूर कहें- जय करवा माता। जय गौरी माता

Karwachauth व्रत का महत्व

यह व्रत केवल परंपरा नहीं है, बल्कि निष्ठा, प्रेम और विश्वाश का प्रतीक भी है। माना जाता है, कि इस दिन स्त्री का सच्चा मन, और व्रत की शक्ति, उसके पति के जीवन में सुरक्षा और सुख लाती है।
करवाचौथ की पूजा में गौरी माता, गणेश जी, करवा माता और चंद्र देव की पूजा होती है।

Karwachauth ki Pujan Samagri :

  1. करवा ( मिट्टी या पीतल का छोटा घड़ा जिसमें जल भरा जाता है।
  2. दीपक (एक बड़ा और कुछ छोटे दीपक, मतलब [दिया] )
  3. छलनी ( चांद देखने के लिए)
  4. थाली (पूजा के लिए सजने वाली थाली)
  5. लोटा (जल चढ़ाने के लिए)
  6. कलश (जल, रोली, अक्षत से पूजा करने के लिए)
  7. रोली (तिलक लगाने के लिये)
  8. चावल ( मतलब अक्षत के लिए)
  9. सिंदूर
  10. हल्दी या कुमकुम
  11. दुर्वा घास ( दुभ की घास)
  12. फूल (लाल पीले रंग के)
  13. कपूर,
  14. अगरबत्ती
  15. धूपबत्ती
  16. मिठाई (श्रद्धा के अनुसार)
  17. सुहाग की सामग्री (जैसे चूड़ियां, बिंदी, बिछिया, मेहंदी, कंघी, आदि)

करवा माता की पूजा के लिए आवश्यक सामग्री :

  1. मिट्टी या लकड़ी की करवा माता की मूर्ति ( फोटो भी चलेगा)
  2. गेहूं या चावल जिस पर मूर्ति रखी जाएगी।
  3. चुनरी या लाल कपड़ा
  4. करवा में रखा हुआ जल
  5. रोली, चावल, सिंदूर
  6. दीपक जो करवा माता के सामने जलाया जाता है।

चांद की पूजा के लिए

  1. छलनी
  2. दीपक ( छलनी पर रखकर दिखाया जाता है)
  3. जल का लोटा या करवा
  4. मिठाई पति को खिलाने के लिए।
  5. लाल कपड़ा थाली सजाने के लिए।

पति की आरती के लिए:

  1. थाली (दीपक, मिठाई अक्षत एक साथ)
  2. आरती का गीत या मंत्र (जैसे— “सौभाग्यवती हो तुम” बोलकर आरती करना)

अन्य समाग्री (अगर उपलब्ध हो)

गंगाजल, फल, मिठाई, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, घंटी (पूजा के समय बजाने के लिए)

सुबह की तैयारी (सौभाग्यवती स्त्रियों के लिए

  1. सूर्योदय से पहले (सर्गी) :
    सास अपनी बहू को सर्गी देती है (फलों, मिठाई, सूखे मेवे, हल्का खाना)।
    यह दिन का पहला भोजन होता है।
    इसके बाद व्रत आरंभ होता है और पूरा दिन निर्जला उपवास (बिना जल पिए) रखा जाता है।
  2. नहाकर साफ कपड़े पहनें :
    सामान्यतः लाल, गुलाबी या पीले रंग के सुहाग के प्रतीक वस्त्र पहने जाते हैं।
  3. श्रृंगार करें : सिंदूर, चूड़ी, बिंदी, बिछिया, और मंगलसूत्र आदि धारण करें।
    यह दिन पति के दीर्घ जीवन और अखंड सौभाग्य के लिए समर्पित है।

शाम की पूजा विधि (पूजन प्रक्रिया)

  1. पूजा स्थल सजाएं: साफ जगह पर लाल कपड़ा बिछाएं। उस पर गेहूं या चावल रखें।
    उसके ऊपर करवा माता की मूर्ति या चित्र रखें।
  2. पूजा सामग्री सजाएं: एक दीपक जलाएं। करवे में जल भरें और ढक्कन पर थोड़ा चावल रखें। एक थाली में रोली, चावल, फूल, सिंदूर, मिठाई रखें।
  3. गौरी माता, गणेश जी, और चंद्र देव की प्रार्थना करें:
    पहले गणेश जी को प्रणाम करें, फिर गौरी माता और करवा माता की पूजा करें।
  4. करवा माता की कथा सुनें या पढ़ें

आरती करें:
माता पार्वती और भगवान शिव की आरती करें–
“जय जय गौरी माता, जय जय शंकर बाबा

चाँद निकलने के बाद की विधि :

  1. जब चाँद दिखाई दे, तब छलनी में दीपक रखकर चाँद को देखें।
  2. फिर चाँद को अर्घ्य दें (जल अर्पण) करें और प्रार्थना करें —
    “हे चंद्र देव मेरे पति को दीर्घायु और सुखी जीवन दें।”
  3. अब उसी छलनी से अपने पति का चेहरा देखें।
  4. पति के हाथ से जल ग्रहण करके व्रत तोड़ें।
  5. इसके बाद मिठाई खाकर और आशीर्वाद लेकर व्रत पूरा करें।

DISCLAIMER: उपरोक्त दी गई जानकारी आपके क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकती है। कृपया अपने पंडित जी से सही जानकारी लेकर ही पूजा करें। आपकी पूजा में किसी भी गलती की जिम्मेदारी websamachar24.com की नही होगी धन्यवाद..!!

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Shura Khan : Bollywood की बेहतरीन अदाकारा

Shura Khan

Shura khan बॉलीवुड की एक सफल मेकअप आर्टिस्टहै,

Shura Khan अरबाज खान की दूसरी पत्नी और Glamorous World की प्रेरणादायक शख्सियत। जानिए Shura Khan की बायोग्राफी, परिवार, करियर, शादी, और उनकी सफलता के राज।

Shura khan : मां बनने की खुशी और बेबी गर्ल की खबर

2025 में शूरा खान की प्रेग्नेंसी की खबरें लगातार मीडिया और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी। इसी बीच अरबाज खान ने खुद इंटरव्यू में इस बात की पुष्टि की थी कि उनकी पत्नी शूरा खान मां बनने वाली हैं और दोनों अपने पहले बच्चे के स्वागत के लिए बहुत उत्साहित है,
4 अक्टूबर 2025 को शूरा खान ने मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में एक प्यारी सी बेटी को जन्म दिय. खान परिवार और बॉलीवुड सेलेब्स ने इस नई खुशी का स्वागत किया। बेबी शावर की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिसमें शूरा ने अपना बेबी बंप खूबसूरत अंदाज में फ्लॉन्ट किया।

Shura khan की सोशल मीडिया एक्टिविटी और फॉलोवर्स

शूरा खान सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती जो कि काफी शानदार है। इंस्टाग्राम पर उनके हजारों फॉलोवर्स हैं, जहां वे फैशन, मेकअप टिप्स, पर्सनल लाइफ और डेली एक्टिविटीज से जुड़ी पोस्ट साझा करती हैं. शादी के बाद उनकी फैन फॉलोइंग में ज़बरदस्त इज़ाफा हुआ है। कई बार उनकी रोमांटिक तस्वीरें अरबाज खान के साथ वायरल होती रहती हैं। हाल ही में उनके इंस्टाग्राम अकाउंट हैक भी हुआ था, लेकिन बाद में उन्होंने इसे रिकवर कर लिया और इंस्टाग्राम टीम को धन्यवाद दिया। वह अपने चाहने वालों से जुड़े रहने के लिए अक्सर स्टोरीज़, रील्स और फोटोज साझा करती हैं.

Shura Khan का बचपन और एजुकेशन

शूरा खान का जन्म London, यूनाइटेड किंगडम में एक मुस्लिम परिवार में 5 जुलाई 1982 को हुआ था , Mumbai में अपनी स्कूली शिक्षा जानकीदेवी पब्लिक स्कूल से प्राप्त की तथा आगे की पढ़ाई दुबई अमेरिकन साइंटिफिक स्कूल से की , शूरा खान को बचपन से ही कला और एक्टिंग का शौक था, और उनकी मां ने शूरा खान को हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की भी शिक्षा दी।

शूरा खान के करियर की शुरुआत और संघर्ष

शूरा खान बॉलीवुड की एक फेमस मेकअप आर्टिस्ट हैं। शूरा खान अपना करियर मॉडलिंग मै बनाना चाहती थी, लेकिन मॉडलिंग मै उन्हें success नहीं मिली , उसके बाद उन्होंने अपना करियर एक मेकअप आर्टिस्ट के तौर पर शुरू किया, शूरा खान ने रवीना टंडन और उनकी बेटी राशा के लिए उन्होंने कई सालों तक मेकअप किया, जिससे उन्हें Bollywood इंडस्ट्री में एक अच्छी पहचान मिली।

Shura Khan ने बॉलीवुड में एक्टिंग की दुनिया में भी कदम रखा, उन्होंने 2013 में बॉलीवुड डेब्यू किया, अर्जुन कपूर की फिल्म ‘औरंगजेब’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया, उसके बाद उन्होंने फिल्म ‘देसी कट्टे’ में भी काम किया ,
Shura khan ने एक्टिंग से ब्रेक लेने के बाद उन्होंने गायक के रूप में भी सफलता पायी –उन्होंने पंजाबन और सत्यमेव जयते के गाने को अपनी आवाज दी।

शूरा खान और अरबाज खान की Love Marriage

Arbaaz Khan और Shura Khan की पहली मुलाकात फिल्म ‘पटना शुक्ला’ के सेट पर हुई थी, दोनों ने करीब एक साल तक अपने रिश्ते को निजी रखा और फिर 24 दिसंबर 2023 को शादी कर ली, अरबाज और शूरा के बीच उम्र का फासला करीब 23 साल है, मगर दोनों ने सोच-समझकर शादी का फैसला लिया. शादी में सलमान खान, रवीना टंडन जैसी कई सेलिब्रिटीज शामिल हुए, और मीडिया में उनकी गुपचुप शादी की चर्चा खूब रही।

शूरा खान के परिवार ओर व्यक्तिगत जीवन

शूरा खान के पिता का नाम जाहिद खान और माता का नाम मेहजबीन जाहिद खान है, जो खुद भी ब्यूटी और वेलनेस इंडस्ट्री से जुड़ी रही हैं, शूरा खान का पालन-पोषण और बचपन मुंबई में बीता, उसके बाद के सालों में वे दुनिया के विभिन्न हिस्सों में भी रहीं.

शूरा खान की प्रसिद्धि और सफलता

शूरा खान की पहचान सिर्फ अरबाज खान की पत्नी होने से नहीं है, बल्कि उन्होंने बॉलीवुड में अपने टैंलेंट और कड़ी मेहनत से भी एक अलग मुकाम हासिल किया है. शादी के बाद सोशल मीडिया पर उनके फॉलोवर्स तेजी से बढ़े हैं, और अब वे ग्लैमर वर्ल्ड में एक जाना-पहचाना नाम बन चुकी हैं

शूरा खान की कहानी जहां प्रेरणा देती है वही बताती है कि दृढ़ निश्चय, हुनर और मेहनत से कोई भी अपने जीवन का लक्ष्य पा सकता है. Bollywood में उनका सफर आगे भी नई ऊंचाइयों को छूता नजर आ रहा है।

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ICC Women Cricket World Cup 2025:

ICC Women Cricket World Cup 2025


ICC Women Cricket World Cup 2025 में भारत महिला टीम ने पाकिस्तान महिला टीम को 88 रनों से हराकर शानदार जीत हासिल की। मैच का पूरा विश्लेषण यहाँ पढ़ें।

कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले की पूरी हाइलाइट्स और विश्लेषण:

ICC Women Cricket World Cup 2025 : India Woman vs Pakistan Woman मैच हाइलाइट्स और मैच का विस्तार से विश्लेषण पढ़ें।

ICC Women Cricket World Cup 2025 : के भारतीय महिला टीम ने छठे मैच में पाकिस्तान महिला टीम को 88 रनों से बुरी तरह से हरा कर अपने नाम शानदार जीत हासिल की । भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए धीमे पिच पर 50 ओवरों में 247 रन बनाए। हरलीन देओल ने 65 गेंदों में बेहतरीन 46 रन बनाए( 4 चौके, 1 छक्का), जबकि ऋचा घोष ने अंत में 20 गेंदों में नाबाद 35 रन (3 चौके, 2 छक्के) की तेजी से पारी खेली। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी आक्रामक बल्लेबाजी की लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल पाईं।

ICC Women Cricket World Cup 2025 : पाकिस्तान की टीम को जीत के लिए 248 रनों का पहाड़ सा लक्ष्य मिला था, लेकिन उनकी शुरुआत खराब रही और तीन विकेट जल्दी गिर गए। सिदरा अमीन ने एक अच्छी पारी खेली और 81 रन (9 चौके , 1 छक्का)बनाए, जो पाकिस्तान की ओर से भारत के खिलाफ सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी बन गई है। पाकिस्तान की तरह से नतालिया परवेज़ ने 33 रन की पारी खेली हालांकि, उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज बड़ा स्कोर नहीं कर पाया। जिससे पाकिस्तान की टीम 159 पर आल आउट हो गई।

ICC Women Cricket World Cup 2025 : भारत की तरफ से तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने अपने डेब्यू मैच में 3 विकेट लिए और प्लेयर ऑफ़ द मैच चुनी गईं।
क्रांति गौड़ ने अपने डेब्यू मैच में शानदार बाउलिंग करते है हुए 10 ओवर में 20 रन देकर 3 विकेट लिये। दीप्ति शर्मा ने भी काफी असरदार गेंदबाजी की और 3 विकेट झटके, वहीं स्नेह राणा के खाते में 2 विकेट गए। पाकिस्तान की पूरी टीम 43 ओवर में 159 रन पर ऑल आउट हो गई।

ICC Women Cricket World Cup 2025 : इस मैच में मिली शानदार जीत के साथ भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अपनी 12वीं लगातार जीत दर्ज की है और ICC Women Cricket World Cup 2025 में अपनी दूसरी जीत पाकिस्तान के खिलाफ हासिल की है। यह मुकाबला काफी भावनात्मक और बहुत ही रोमांचक था, जिसमें भारत ने अपनी ताकत , रणनीति और संयम दिखाए।

ICC Women Cricket World Cup 2025: इस मैच से पता चलता है कि भारतीय महिला क्रिकेट विश्व कप में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए तैयार है और बड़ी चुनौतियों का अपनी रणनीत और जोश के साथ सामना करने में सक्षम है।

यहाँ संक्षेप में स्कोरकार्ड:

  • पाकिस्तान महिला टीम ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी
  • भारत महिला: 247 रन (50 ओवर)
  • पाकिस्तान महिला: 159 रन (43 ओवर)
  • परिणाम: भारत ने 88 रनों से जीत हासिल की

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VALMIKI jAYANTI 2025 : महर्षि बाल्मीकि

VALMIKI JAYANTI 2025

 Valmiki Jayanti 2025

  Valmiki Jayanti 2025 मै कब है? Valmiki Jayanti का महत्त्व क्या है? हर वर्ष आश्विन मास की पूर्णिमा को बाल्मीकि जयंती मनाई जाती है। इसे ‘प्रगट दिवस’ भी कहा जाता है।

महर्षि बाल्मीकि जी का जीवन

Valmiki Jayanti 2025 महर्षि बाल्मीकि जी का जन्म हिन्दू पंचांग के अनुसार आश्विन मास को हुआ था ! हर वर्ष इस दिन को बाल्मीकि जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष 2025 में Valmiki Jayanti 7 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी।

  • बाल्मीकि  जी का बाल्यकालिक नाम रत्नाकर था। वो एक साधारण परिवार में जन्मे थे। जीवन की कठिनाईयों से ना लड़ पाने के कारण उन्होंने अपना जीवन गलत मार्ग पर लगा दिया था।
  • .बाल्मीकि जी जीवन में आने वाली अनेकों कठिनाईयों के कारण डाकू बन गए थे। एक दिन जब उन्होंने नराद मुनि को लूटने का प्रयत्न किया। तब नराद जी ने बाल्मीकि जी से एक प्रश्न किया। क्या तुम्हारा परिवार तुम्हारे पाप का भागीदार बनेगा। इस सवाल का जवाब वाल्मिकी जी के पास नहीं था।
  • नारद मुनि ने कहा, आप एक बार अपने परिवार से पूछ कर आइए कि, आपके पापो का भागीदार आपके साथ कौन कौन होगा।
  • तब वाल्मीकि जी अपने परिवार के पास जाकर हर एक सदस्य से ये सवाल पूछा कि, जो पाप मै करता हु, इसका भागीदार आप लोगों में, मेरे साथ कौन-कौन होगा।
  • वाल्मीकि जी के परिवार ने पाप का भागीदार होने से साफ साफ मना कर दिया।
  • इसके बाद वाल्मीकि जी नारद मुनि के पास वापस आए और बोले हे, मुनिवर कृपया मुझे रास्ता दिखाए।
  • इसके बाद वाल्मीकि जी ने वैराग्य धारण कर लिया।

बाल्मीकि जी को उनका ये नाम कैसे मिला

नराद मुनि के मार्ग दर्शक के बाद वे राम-राम नाम का जाप करना शुरू कर दिया । वो राम-राम नाम मै इतने गहन ध्यान में लीन हो गाए कि उनके चारों तरफ दीमको ने मिट्टी का ढेर बना दिया था। जिसे वाल्मीक कहते है । कई वर्ष बाद जब वे ध्यान से उठें। तो उन्हें ब्रह्मा जी रत्नाकर की तपस्या से प्रसन्न होकर उनका नाम बाल्मीकि नाम दिया गया।

महर्षि वाल्मीकि और रामायण की रचना

महर्षि बाल्मीकि जी ने रामायण की रचना, त्रेतायुग में श्री राम जी के राज्याभिषेक के बाद की थी। पारंपरिक मान्यताओं और कई शास्त्रों के अनुसार बाल्मीकि जी को रामायण लिखने की प्रेरणा ब्रह्मा जी और नारद मुनि द्वारा प्राप्त हुई थी।

बाल्मीकि जी को आदि कवि भी कहा जाता था। क्योंकि उन्होने संस्कृत में पहली महाकथा रामायण लिखा।और जब रामायण की रचाना की। उस के बाद वे समाज के लिए आदर्श बन गए। बाल्मीकि जी के आश्रम में ही माँ सीता ने आश्रय लिया। और वहीं लव-कुश जन्म हुआ और पालन पोषण हुआ। बाल्मीकि जी ने वही लव-कुश को रामायण की कथा सुनाई।

बाल्मीकि जी की प्रमुख शिक्षाएं

  1. अच्छे कर्म : जीवन में अच्छे कर्म करने चाहिए। क्योंकि अच्छे कर्म का फल मिलता है ।अच्छे कर्म करने से मनुष्य का जीवन अच्छा बनता है।
  2.   शिक्षा और ज्ञान का महत्त्व : शिक्षा और ज्ञान के बिना जीवन अधूरा है।
  3. मर्यादा और अनुशासन : बाल्मीकि जी की रचना रामायण में, मर्यादा पुरूषोतम राम से प्रेरित होकर, अनुशासन और समाज में शांति आ सकती है।
  4. समानता और मानवता का संदेश :  बाल्मीकि जी सभी मनुष्यों को समान मानते थे।
  5. समाज के प्रति कर्तव्य : धर्म और नैतिकता सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि समाज के कल्याण के लिए भी जरूरी है

VALMIKI JAYANTI 2025 मनाने का संदेश

महर्षि वाल्मीकि जयंती पर यह संदेश दिया जाता है। कि, महर्षि बाल्मीकि जी के जीवन से प्रेरणा लेकर सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलना । महर्षि बाल्मीकि जी ने रामायण की रचना करके, जीवन का आदर्श स्थापित किया, जो आज भी मानवता की शिक्षा और मार्गदर्शन का स्रोत हैं, जो हमें जीवन में सत्य और धर्म के पथ पर चलने के लिए प्रेरित करता है।

निष्कर्ष (CONCLUSION)

महर्षि बाल्मीकि जयंती न केवल एक त्यौहार है। बल्कि जीवन में अच्छा बनने, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने कि प्रेरणा भी देता है। यह त्यौहार हमारे जीवन को धार्मिक और अत्याध्मिक मूल्यों से भी जोड़ता है और जीवन को सकारात्मक रूप से जीने की प्रेरणा देता है।

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tata motors share update and analysis 2025

tata motors share update
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Tata Motors Share Update Price

Tata Motors Share Update Price (4 oct 2025) आज 716.10 रुपये पर बंद हुआ। बीते कुछ समय में Share Price में गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन पिछले सप्ताह 7.48% की उछाल ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

यह संकेत है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए टाटा मोटर्स एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प है। खासकर उन लोगों के लिए जो लंबे समय तक निवेश करके अच्छा रिटर्न कमाना चाहते हैं।

शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव सामान्य हैं, लेकिन टाटा मोटर्स की मजबूती और स्थिर प्रदर्शन इसे सुरक्षित निवेश विकल्प बनाते हैं।

TATA MOTORS का इतिहास

  • स्थापना, 1945, Tata Engineering and Locomotive Company Ltd. (TELCO)
  • शुरुआती काम, लोकोमोटिव और रेल इंजन निर्माण

महत्वपूर्ण मील के पत्थर

  • 1954, पहला ट्रक, Daimler-Benz के सहयोग से
  • 1991, पहली यात्री कार Tata Sierra
  • 2008, दुनिया की सबसे सस्ती कार Tata Nano

आज टाटा मोटर्स भारत की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी है और इसके अंतर्गत Jaguar Land Rover (JLR) भी आता है। कंपनी का इतिहास दिखाता है कि यह हमेशा नवाचार, गुणवत्ता और विकास की दिशा में अग्रसर रही है।

टाटा मोटर्स ने हमेशा नई तकनीक अपनाई और अपने उत्पादों की गुणवत्ता को बेहतर किया, जिससे निवेशकों और ग्राहकों का भरोसा मजबूत बना।

TATA MOTORS SHARE UPDATE आज का प्रदर्शन

  • High: 739.70 ₹
  • Low: 715 ₹
  • Open: 726.60 ₹
  • Close: 716.10 ₹
  • आज की गिरावट: 0.31%

TATA MOTORS SHARE UPDATE हालाँकि आज शेयर में थोड़ा गिरावट है, लेकिन पिछले सप्ताह की मजबूत उछाल यह दर्शाती है कि निवेशकों का भरोसा कंपनी पर मजबूत है। शेयर मार्केट में छोटी गिरावट आम है, लेकिन लंबी अवधि में टाटा मोटर्स का प्रदर्शन निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत देता है।

Fundamental (आधारभूत डेटा)

पैरामीटर और उसका मानक डिटेल्स

  • मार्केट कैप- 2,64,443 करोड़
  • TTM – 12.51
  • P/B – 2.38
  • उद्योग प्रदर्शन- 28.27
  • कर्ज़ का अनुपात-0.62
  • ROE – 20.39
  • फेस वैल्यू – 2 ₹

निष्कर्ष: टाटा मोटर्स का आधार मजबूत है और यह लंबी अवधि में स्थिर और विश्वसनीय प्रदर्शन दिखा सकती है।कंपनी के वित्तीय आंकड़े यह दर्शाते हैं कि टाटा मोटर्स भविष्य में लगातार विकास और प्रॉफिट कमाने की क्षमता रखती है।

वित्तीय प्रदर्शन (Revenue & Profit)

अवधि कुल आय (₹ करोड़) फायदा (₹ करोड़)

  • जून 2024 (कुल आय 1,08,612) (कुल प्रॉफिट =10,587)
  • सितंबर 2024 (कुल आय 1,03,016) (कुल प्रॉफिट = 3,450)
  • दिसंबर 2024 (कुल आय 1,14,334) (कुल प्रॉफिट =5,485)
  • मार्च 2025 कुल आय(1,21,012) (कुल प्रॉफिट -8,556)
  • जून 2025 (कुल आय 1,05,926) (कुल प्रॉफिट-4,003)

विश्लेषण

कंपनी ने हर तिमाही में स्थिर प्रॉफिट कमाया है। वित्तीय आंकड़े दिखाते हैं कि कंपनी का प्रदर्शन सकारात्मक है, और निवेशकों के लिए यह एक अच्छा और भरोसेमंद अवसर प्रदान करती है।

टाटा मोटर्स ने अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाई और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में भी कदम रखा, जिससे भविष्य में कंपनी की आय और मुनाफ़ा बढ़ने की संभावना है।

Tata Motors Share Holdings (investor Holding)

  • Promoter Holding: 42.57%
  • Retail Investors: 23.06%
  • Foreign Investors: 17.18%
  • Mutual Funds: 10.18%

विश्लेषण

कंपनी में निवेशकों का भरोसा मजबूत है। अधिक निवेशक होने का मतलब है कि कंपनी भरोसेमंद और स्ट्रॉन्ग निवेश विकल्प है।

टाटा मोटर में निवेश के सुझाव

टाटा मोटर्स अच्छा प्रदर्शन कर रही है और लंबी अवधि के लिए निवेश में लाभकारी है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना आवश्यक है। बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य हैं, इसलिए संयम और सही रणनीति के साथ निवेश करें। निवेशकों को दीर्घकालिक दृष्टिकोण रखना चाहिए और छोटे उतार-चढ़ाव पर चिंता नहीं करनी चाहिए।

कुल निष्कर्ष

  • टाटा मोटर्स एक मजबूत, भरोसेमंद और दीर्घकालिक निवेश योग्य कंपनी है।
  • मजबूत फंडामेंटल और वित्तीय प्रदर्शन
  • लगातार प्रॉफिट और स्थिरता
  • निवेशकों का मजबूत भरोसा
  • EV और JLR के कारण भविष्य उज्जवल

टाटा मोटर संक्षेप में

टाटा मोटर्स लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सुरक्षित और लाभकारी विकल्प है। निवेशकों को संयम के साथ, सलाहकार की मदद लेकर निवेश करना चाहिए।

DISCLAIMER: किसी भी कंपनी में निवेश करना आपकी खुद की जिम्मेदारी होगी। निवेश करने से पहले अच्छे सलाहकार से जानकारी लेकर ही निवेश करे।

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Shahrukh khan net Worth

Shahrukh Khan Net Worth

Shahrukh Khan Net Worth

Shahrukh khan net Worth : भारतीय मूल के फिल्म अभिनेता शाहरुख खान एक ऐसी शख्सियत है, जो किसी भी पहचान के मोहताज नहीं है। शाहरुख खान जी को किंग खान के नाम से भी जाना जाता है। जो आजकल सुर्खियों में हमेशा छाए ही रहते हैं। आजकल किंग खान की नेटवर्थ काफी चर्चा में है। और चर्चा में क्यूं ना हो। इस ओहदे पर पहुंचना तो कोई गुड्डे गुड़ियों का खेल तो नहीं है। तो चलिए जानते है। Shahrukh khan net Worth क्या हैं।

Shahrukh khan net Worth: 1 अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार शाहरुख़ ख़ान की कुल संपत्ति 1.4 बिलियन डॉलर हो गई है,
जो भारतीय रुपये में लगभग 12,490 करोड़ रुपये होती है।

शाहरुख खान की पहले की नेटवर्थ

Shahrukh Khan Net Worth : अक्टूबर 2025 से पहले King Khan की नेटवर्थ 7790 के लगभग थी,
जो अब बढ़ कर लगभग 12490 हो गई है अब वो दुनियां के नबर वन की लिस्ट में आ गए है।

शाहरुख खान का जन्म

2 नवंबर 1965 मै हुआ न्यू मार्केट दिल्ली मै हुआ है। शाहरुख खान के माता पिता
ताज मोहम्मद खान और मां लतीफ है।

शाहरुख खान की फैमिली

शाहरुख खान की फैमिली में शाहरुख खान की वाइफ का नाम गौरी खान है, शाहरुख़ ख़ान की शादी गौरी ख़ान के साथ 25 अक्टूबर 1991 को हुई थी। शादी के समय शाहरुख़ ख़ान की उम्र लगभग 26 साल थी। गौरी ख़ान के साथ उनका परिवारतीन बच्चे – आर्यन, सुहाना और अबराम है। शाहरुख खान की शाहरुख खान जन्म 2 नवंबर 1965 मै हुआ था वो अब 60 साल के आस पास हो गए है।

शाहरुख खान की फिल्में

शुरुआती फिल्में :

  • दीवाना (1992) – डेब्यू फ़िल्म (हिट)
  • बाज़ीगर (1993)
  • डर (1993)
  • अंजाम (1994)

रोमांटिक हिट्स :

  • दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे (1995) – DDLJ (सबसे बड़ी हिट्स में से एक)
  • दिल तो पागल है (1997)
  • कुछ कुछ होता है (1998)
  • मोहब्बतें (2000)
  • कभी खुशी कभी ग़म (2001)
  • कल हो ना हो (2003)
  • वीर-ज़ारा (2004)
  • ओम शांति ओम (2007)
  • रब ने बना दी जोड़ी (2008)

अलग तरह की भूमिकाएँ :

  • स्वदेस (2004)
  • चक दे! इंडिया (2007)
  • माई नेम इज़ खान (2010)

एक्शन और नई पीढ़ी की फिल्में :

  • डॉन सीरीज़ (2006, 2011)
  • रा.वन (2011)
  • चेन्नई एक्सप्रेस (2013)
  • हैप्पी न्यू ईयर (2014)
  • रईस (2017)

हाल की बड़ी फिल्में :

  • पठान (2023)
  • जवान (2023)
  • डंकी (2023)

शाहरुख़ ख़ान की टॉप 10 सुपरहिट फिल्में :

  • जवान (2023) – ₹1,150 करोड़ वर्ल्डवाइड
  • पठान (2023) – ₹1,050 करोड़ वर्ल्डवाइड
  • चेन्नई एक्सप्रेस (2013) – ₹423 करोड़+
  • हैप्पी न्यू ईयर (2014) ₹385 करोड़+
  • दिलवाले (2015) – ₹376 करोड़+
  • रईस (2017) – ₹304 करोड़+
  • दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे (1995) – ₹120 करोड़+ (उस समय की सबसे बड़ी हिट, अब तक चल रही)
  • कभी खुशी कभी ग़म (2001) ₹135 करोड़+
  • कल हो ना हो (2003) ₹86 करोड़+
  • ओम शांति ओम (2007) ₹149 करोड़+

शाहरुख खान की एडिक्शन

शाहरुख़ ख़ान की पढ़ाई दिल्ली में हुई थी।

शुरुआती पढ़ाई: सेंट कोलंबस स्कूल, दिल्ली (St. Columba’s School, Delhi)
यहाँ उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ खेलों और नाटकों में भी हिस्सा लिया।

कॉलेज: हंसराज कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय (Economics में स्नातक)

आगे की पढ़ाई: जामिया मिलिया इस्लामिया, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में मास्टर की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन फिल्मों में आने के कारण अधूरी छोड़ दी।

शाहरुख खान ने 33 साल काम किया है।

शाहरुख खान 33 साल से फिल्म इंडस्ट्री में और अपने आप को हमेशा ऊपर रखा है। और वो 33 साल बाद 12490 करोड़ के मालिक बन पाए है।

शाहरुख खान जी के नेशनल फिल्म अवॉड

जी हा, 33 साल के बाद अब जाके शाहरुख खान को नेशनल फिल्म अवॉड मिला जवान मूवी के लिए
23 सितम्बर को दिल्ली मै वियान भवन मै मिला है। इसमें उन्हें रजत कमल और और एक लाख रूपए दिया गया, इसमें जो नेशनल अवॉड जीतता है, उससे 2 लाख रूपए दिए जाते है, और साथ-साथ उसी अवार्ड शो के मंच पर इस बार दो लोगों ने नेशनल फिल्म अवॉड जीता है।

विक्रांत मैसी

विक्रांत मैसी 3 अप्रैल 1987 के जमे विक्रांत मैसी को अपने अपने पहले फिल्म के लिए नेशनल फिल्म अवॉड दिया जो कि 12th फेल थीं, उन्होंने इस फिल्म काफ़ी अच्छा प्रदर्शन किया था।

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दशहरा 2025 : असत्य पर सत्य की जीत का पर्व

Dussehra

Dussehra 2025 पर जानें विजयादशमी की तिथि, महत्व, ऐतिहासिक कथा, रावण दहन की परंपरा और धार्मिक संदेश। और ये भी जानें कि दशहरा कैसे मनाएं, क्या है सांस्कृतिक महत्व।

दशहरा या विजयादशमी, भारत का वह प्रमुख त्यौहार है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत और धर्म की स्थापना का प्रतीक है। यह पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास की शुक्ल दशमी को मनाया जाता है। यह त्यौहार न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी लोगों को प्रेरित करता है

Dussehra 2025 में कब है?

दशहरा 2025 मे, इस साल 2 अक्टूबर, बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन पूरे भारत में बड़े धूमधाम से रावण दहन के आयोजन किए जाते हैं और लोग हर्ष और आनंद के साथ एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं। सभी लोग इसे एक त्यौहार की तरह मनाते है। बच्चे अपने माता – पिता के साथ मेलों में खूब मस्ती करते है।

Dussehra का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व क्या है?

दशहरे का संबंध दो प्रमुख पौराणिक घटनाओं से जुड़ा है।

  • भगवान श्रीराम की विजय: त्रेतायुग में भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर इस संसार को एक ऐसे अधर्मी और दुराचारी असुर से बचाया और सीता माता को मुक्त कराया। इसलिए यह पर्व अच्छाई और सद्गुणों की विजय का प्रतीक है।
  • मां दुर्गा की जीत: नवरात्रि की समाप्ति पर इसी दिन मां दुर्गा ने महिषासुर राक्षस का संहार किया था। अतः इसे शक्ति की जीत और भक्ति की शक्ति का संदेश देने वाला पर्व भी माना जाता है। जिसे हम सभी मिलकर हर्षौल्लास के साथ धूम – धाम से मनाते है।

Dussehra कैसे मनाया जाता है?

भारत में Dussehra के त्यौहार को लोग अनेकों तरह से मनाते है।

  • रावन दहन: बड़े-बड़े मैदानों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतले बनाए जाते हैं। शाम को आतिशबाजी के बीच इनका दहन किया जाता है।जिसे बच्चे, बड़े,औरत , बुजुर्ग सभी खुशी से चिल्लाते ओर रैली बजते है । लोग Dussehare से हफ्तों पहले से ही मेले में आनन्द उठाते है।
  • रामलीला का मंचन: पूरे भारत में रामलीला का आयोजन होता है, जिसमें श्रीराम के जीवन के प्रसंगों को नाटक के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। जिसे देखने के लिए लोग अपने परिवार के साथ आते है।
  • सांस्कृतिक उत्सव: बड़े-बड़े मेले लगते है यहां लोग घूमने जाते है झूलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से पूरा समाज उत्सवधर्मी वातावरण में खो जाता है।

Dussehra का सामाजिक संदेश

Dussehra केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह जीवन में कई महत्वपूर्ण संदेश भी देता है। यह पर्व हमें सिखाता है कि, असत्य, चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, अंततः नष्ट होता है। यह हमें सत्य, नैतिकता और धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है, हमें इनका साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए। यह पर्व सामाजिक एकता और भाईचारे को भी बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करता है।

आज के समय में Dussehra का हमारे जीवन में महत्व

आज की भागदौड़ भारी जिंदगी में हम बस स्वार्थ के पीछे पागल है। Dusshera हमें यह याद दिलाता है कि, हमें अपने भीतर छिपी बुराइयों जैसे—क्रोध, लोभ, ईर्ष्या और अहंकार को खत्म करना चाहिए। रावण दहन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि प्रतीक है। इन बुराइयों के अंत है।

दशहरा महज एक त्योहार नहीं, बल्कि जीवन मूल्य सिखाने वाला अवसर है। यह हमें बताता है कि अगर हम धैर्य, साहस और सत्य को अपनाते हैं तो जीतना निश्चित है। इस विजयादशमी पर आइए संकल्प लें कि हम अपने जीवन से हर प्रकार की नकारात्मकता और बुराई को समाप्त करेंगे और सत्य, धर्म और प्रेम की राह पर चलेंगे।

दशहरा से जुड़े कुछ बेहतरीन सवालों के जवाब

Q1. दशहरा कब मनाया जाता है?
उत्तर: आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को दशहरा मनाया जाता है।

Q2. दशहरे को विजयादशमी क्यों कहते हैं?
उत्तर: यह दिन बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है।

Q3. दशहरा किसके वध की स्मृति में मनाया जाता है?
उत्तर: रावण, मेघनाद और कुंभकरण के वध की स्मृति में इसका पर्व मनाया जाता है।

Q4. दशहरा का धार्मिक महत्व क्या है?
उत्तर: सत्य, धर्म और अच्छाई की जीत का पर्व; नवरात्रि की समाप्ति पर देवी दुर्गा की पूजा समाप्त होती है।

Q5. दशहरे पर रावण का पुतला क्यों जलाया जाता है?
उत्तर: रावण दहन अहंकार व बुराई को समाप्त करने का प्रतीक है।

Q6. दशहरे के दिन कौन सा आयोजन विशेष रूप से होता है?
उत्तर: शस्त्र पूजा और रामलीला के आयोजन होते हैं, साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं।

Q7. क्या दशहरा केवल हिंदू धर्म में मनाया जाता है?
उत्तर: यह मुख्य रूप से हिंदू त्योहार है, लेकिन भारत के कई हिस्सों में सभी धर्मों के लोग इसे उत्साह से मनाते हैं।

Q8. दशहरे और दीपावली में क्या संबंध है?
उत्तर: रावण वध के बाद भगवान राम के अयोध्या लौटने पर दीपावली मनाई जाती है।

Q9. दशहरा पर्व के दिन क्या विशेष तौर पर करना चाहिए?
उत्तर: शस्त्र पूजा करें, घर की सफाई व सजावट करें, देवी-देवताओं की पूजा करें। मान्यताओं के अनुसार, बाल-दाढ़ी कटवाने से बचें।

Q10. दशहरा का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: जीवन में सत्य, धर्म और अच्छाई की जीत निश्चित है, बुराई चाहे कितनी भी मजबूत क्यों न हो।

Querrys:

दशहरा 2025
विजयादशमी 2025
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माँ सिद्धिदात्री पूजन, Maha Navratri 2025

मां सिद्धीदात्री को सभी सिद्धियों की दात्री क्यों कहा जाता है?

माता सिद्धीदात्री, माता दुर्गा का नौवां रूप है। कहा जाता है, कि भगवान विष्णु जी ने जब सृष्टि की रचना का कार्य शुरू किया तब केवल अंधकार ही अंधकार था। तब भगवान विष्णु ने भगवान शंकर से प्रार्थना किया कि, हे भगवन् सृष्टि निर्माण में सहायता करें।
तब भगवान शंकर ने ध्यान लगाया और मां आदिशक्ति से प्रार्थना किया तब जाकर मां आदिशक्ति मां सिद्धीदात्री के रूप में प्रकट हुई। उन्होंने ब्रह्मा, विष्णु, महेश तीनो को ही अपनी आठ प्रमुख महासिद्धियों के साथ-साथ कई अन्य महाशक्तियों को प्रदान किया। इन्हीं सिद्धियों के बल पर देवताओं ने संसार रचना के संचालन का काम किया

माना जाता है कि, जब भगवान शिव जी ने मां की उपासना किया। तब मां ने आधा शरीर प्रदान किया, तब भगवान शिव अर्धनारीश्वर कहलाए। मतलब आधा शरीर देवीशक्ति का और आधा भाग भगवान शिव का हो गया। इसीलिए मां सिद्धीदात्री को सभी सिद्धियों की दात्री कहा जाता है।

नवरात्रि का नवां दिन देवी दुर्गा के नौवें स्वरूप माँ सिद्धिदात्री को समर्पित होता है। सिद्धिदात्री का अर्थ है – सिद्धि यानी अलौकिक शक्तियाँ और दात्री यानी दान करने वाली। इस प्रकार माँ सिद्धिदात्री अपने भक्तों को अष्ट सिद्धियाँ प्रदान करती हैं। इन्हीं के पूजन से नवरात्रि साधना पूर्ण मानी जाती है।

यह दिन केवल आराधना का ही नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, भक्ति और जीवन में सकारात्मकता लाने का प्रतीक है। आइए जानते हैं नवरात्रि के नौवें दिन का महत्व, माँ सिद्धिदात्री की पूजा विधि और उनके पूजन से प्राप्त होने वाले लाभ।

नवरात्रि के 9वें दिन का महत्व

हिंदू धर्मग्रंथों में वर्णित है कि भगवान शिव ने माँ सिद्धिदात्री की उपासना करके अष्ट सिद्धियाँ प्राप्त की थीं। इसी कारण वे “अर्धनारीश्वर” कहलाए। माँ सिद्धिदात्री को सिंह पर सवार और हाथों में चक्र, गदा, शंख और कमल धारण किए हुए दर्शाया जाता है।

माँ सिद्धिदात्री की कृपा से भक्तों के जीवन से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और उन्हें सुख-समृद्धि, सफलता और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।

महानवमी के दिन कई स्थानों पर कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन नौ कन्याओं को माँ दुर्गा का स्वरूप मानकर पूजित किया जाता है।

माँ सिद्धिदात्री पूजन विधि

  • घर और पूजा स्थल की शुद्धि पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें और कलश स्थापित करें।
  • माँ सिद्धिदात्री का आह्वान – देवी की प्रतिमा या चित्र को लाल वस्त्र पर स्थापित करें।
  • भोग अर्पण – लाल फूल, फल, नारियल, और विशेषकर हलवा-पूरी-चना का भोग लगाएँ।
  • मंत्र और स्तोत्र पाठ – दुर्गा सप्तशती, सिद्धिदात्री स्तोत्र और देवी मंत्र का जाप करें।
  • कन्या पूजन – नौ कन्याओं के चरण धोकर उन्हें भोजन, वस्त्र और दक्षिणा दें।
  • आरती और भजन – दीपक जलाकर आरती करें और माँ की स्तुति गाएँ।
  • दान और सेवा – गरीब और जरूरतमंदों को भोजन व वस्त्र दान करना अत्यंत पुण्यकारी है।

नवरात्रि 9वें दिन से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQ)

  1. नवरात्रि के 9वें दिन किस देवी की पूजा की जाती है?
  • नवरात्रि के नौवें दिन माँ दुर्गा के नौवें स्वरूप माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।
  1. माँ सिद्धिदात्री की पूजा का महत्व क्या है?
  • माँ सिद्धिदात्री भक्तों को अष्ट सिद्धियाँ प्रदान करती हैं और जीवन से कष्ट, भय तथा बाधाओं को दूर करती हैं।
  1. महानवमी पर कौन-सी विशेष परंपरा निभाई जाती है?
  • महानवमी के दिन कन्या पूजन किया जाता है। इसमें नौ कन्याओं को माँ दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका पूजन और भोजन कराया जाता है।
  1. माँ सिद्धिदात्री की पूजा में क्या भोग अर्पित किया जाता है?
  • पूजा में सामान्यत: हलवा, पूरी, चना, नारियल, लाल फूल और फल अर्पित किए जाते हैं।
  1. माँ सिद्धिदात्री का प्रमुख मंत्र कौन-सा है?
  • माँ का प्रमुख मंत्र है –
  • ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥
  1. नवरात्रि 2025 में महानवमी कब है?
  • नवरात्रि 2025 की महानवमी का पर्व 1 अक्टूबर 2025 (बुधवार) को मनाया जाएगा।

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INDIA v/s PAKISTAN ASIA CUP FINAL 2025

India v/s Pakistan Asia Cup 2025 का Final मुकाबला

India Vs Pakistan: Asia Cup 2025 का फाइनल मुकाबला India vs Pakistan के बीच 28sep 2025, रविवार को Dubai International Cricket Stadium में खेला जाएगा ।

India vs Pakistan का Asia Cup मुकाबला रोमांचक होने वाला है जैसा कि हर Indian Cricket Fans को India vs Pakistan के मुकाबले का इंतजार बेसब्री से रहता है।

India Vs Pakistan Asia Cup T20 Mai 2016 se 2025 तक आमने- सामने
India vs Pakistan का मुकाबला रोमांचक होगा क्योंकि इस Asia Cup 2025 में खेले गये India vs Pakistan के दोनों मुकाबलों को India ने अपने नाम किया है। Pakistan को दोनों मैच में बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा है।

Asia Cup T20 में 2016 से 2025 तक India vs Pakistan का अब तक आमना- सामना 4 बार हुआ है, जिसमे India ने 3 मैच जीत कर अपना दबदबा बनाए रखा है, वहीं Pakistan ने अभी तक सिर्फ एक मैच में ही जीत चखी है और तीन बार बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा है।

India Vs Pakistan: Asia Cup 2025 में दोनों टीम में किसका दबदबा है!

India vs Pakistan Gruop A: India ने Pakistan को पहले मैच में ही 6 विकेट से हराकर अपनी जीत का आगाज धूम धाम से किया , Pakistan ने 20 ओवर में 127 रनों का टारगेट रखा , कुलदीप यादव की स्पिन के सामने Pakistan की Batting बिखर गई और India को जीत के लिये 128 रनों का छोटा से स्कोर बनाना था , जिसे India 15.5 ओवर में आसानी से हासिल कर लिया , जिसमें अभिषेक शर्मा ने 13 गेंदों पर 31 रन , सूर्यकुमार यादव ने 37 गेंदों पर 47 रन, तिलक वर्मा की 31 रनों की शानदार पारी शामिल थी।

India vs Pakistan Super Fours: India ने Pakistan को Super Fours में 7 विकेट से बुरी तरह से हराकर India ने शानदार जीत हासिल की, Pakistan ने 20 ओवर में 5 विकेट गवाकर 171 रन बनाए, जिसे India को जीतने के लिए 20 ओवर में 172 रन बनाने थे , अभिषेक शर्मा ने शानदार Batting करते हुए 39 गेंदों में 74 रन की पारी खेली जिसमें 6 चौके और 5 छक्के शामिल थे , शुभमन गिल ने भी 28 गेंदों में 8 चौके की मदद से 47 रनों की शानदार पारी खेली ,India ने ये मुकाबला 7 गेंदे शेष रहते हुए 3 विकेट के नुकसान पर 172 का रन बनाकर आसानी से जीत अपने नाम कर ली,

India Vs Pakistan में से किसके पास Asia Cup T20 Trophy है।

India vs Pakistan में से India ने Bangladesh को 2016 में हरा कर Asia Cup T20 Trophy अपने नाम की थी , वहीं Pakistan ने 2022 में Sri Lanka ke साथ फाइनल खेला जरूर था लेकिन फाइनल में Pakistan को Sri Lanka के सामने हार का सामना करना पड़ा, Pakistan को अभी भी Asia Cup T20 Trophy का इंतजार है।

Sqauds

India Squad: अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव (c), तिलक वर्मा, संजू सैमसन(wk), हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, हर्षित राना, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, जितेश शर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे।

Pakistan Squad: सैम अयूब, साहिबजादा फरहान, मौहम्मद हारिस (wk), फखर जमान, सलमान आगा (c), हसन नवाज, फहीम अशरफ, साहिन अफरीदी, सूफियान मुकीम, अबरार अहमद, हुसैन तलत, हसन अली, हरीस रउफ, ख़ुशदिल शाह, मोहम्मद वसीम, सलमान मिर्ज़ा, मोहम्मद नवाज।

India vs Pakistan Asia Cup 2025

India vs Pakistan T20 highlights

India vs Pakistan live score

India vs Pakistan match result

India vs Pakistan 2025 scorecard

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छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा विधि

मां कात्यायनी नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा के कात्यायनी रूप की पूजा की जाती है। यह स्वरूप अत्यंत दिव्य, शक्तिशाली और भक्तों को शीघ्र फल देने वाला माना जाता है। नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा – अर्चना करने से घर में सुख – समृद्धि आती है और हर मनोकामना पूरी होती है।

मां कात्यायनी का जन्म:

मां कात्यायनी का जन्म महर्षि कात्यायन ऋषि के घर हुआ था। यही कारण है कि इन्हें “कात्यायनी” कहा जाता है।

मां कात्यायनी का स्वरूप एवं स्वरूप-वर्णन:

मां कात्यायनी चार भुजाओं वाली हैं –
ऊपर का दायां हाथ अभय मुद्रा में
नीचे का दायां हाथ वर मुद्रा में
ऊपर का बायां हाथ कमल पुष्प धारण किए हुए
नीचे का बायां हाथ खड्ग (तलवार) से सुशोभित
मां का वाहन सिंह है और उनका तेज सूर्य के समान चमकदार है।

पूजन विधि (नवरात्रि के छठे दिन)

सूर्योदय से पहले उठकर प्रातः स्नान कर लाल या पीले वस्त्र पहनें।
पूजा स्थान पर मां कात्यायनी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। और उसे गंगाजल से स्नान कराए।
उन्हें लाल पुष्प, खासकर गुलाब और कुमकुम अर्पित करें।
धूप, दीप, फल और नैवेद्य चढ़ाकर मंत्र जाप करें –

“ॐ देवी कात्यायन्यै नमः।”

धार्मिक मान्यता:
पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां कात्यायनी का जन्म राक्षस महिषासुर का अंत करने ओर उसके प्रकोप से सृष्टि की रक्षा करने के लिए महर्षि कात्यायन के यहां हुआ था।

  • मां कात्यायनी
  • नवदुर्गा का छठा स्वरूप
  • नवरात्रि छठे दिन की पूजा
  • मां कात्यायनी की कथा
  • मां कात्यायनी का महत्व
  • महिषासुरमर्दिनी

डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग धार्मिक विश्वासों और शास्त्रों से प्रेरित है। पाठक अपनी आस्था और विवेक के अनुसार ही इसका पालन करें।
प्रस्तुत जानकारी सामान्य धार्मिक ज्ञान हेतु है। कृपया किसी भी निर्णय से पहले अपने विवेक एवं विशेषज्ञ की सलाह को महत्व दें।

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