
Shamli Triple Murder: यूपी शामली में बुर्का न पहनने पर पति ने पत्नी और बेटियों को गोली मार दी। पूरी घटना, पुलिस कार्रवाई और लेटेस्ट अपडेट।
घटना का पूरा विवरण : Shamli Triple Murder

शामली जिले के कांधला थाना क्षेत्र के घाड़ी दौलत गांव में रहने वाले मोहम्मद फारूक ने 10 दिसंबर 2025 के आसपास यह खौफनाक कृत्य किया। पुलिस के अनुसार, फारूक की पत्नी घर से बिना बुर्का पहने मायके चली गई थी। इससे आरोपी आग बबूला हो गया । और वापस लौटने पर उसने पत्नी से पैसे की मांग की, लेकिन विवाद इतना बढ़ गया कि उसने घर में रखी पिस्तौल से पत्नी के सिर में गोली मार दी।
दो बेटियां, जो इस वारदात की गवाह बन गईं, उन्हें भी चुप कराने के लिए फारूक ने गोली मार दी। नाबालिग बेटियों की उम्र 10 और 12 साल बताई जा रही है। हत्या के बाद उसने तीनों शवों को घर के आंगन में ही दफना दिया और किसी को शक न होने दिया। कई दिनों तक मामला छिपा रहा, लेकिन रिश्तेदारों ने बच्चों के गायब होने की शिकायत पर पुलिस हरकत में आई।
पुलिस ने खुदाई करवाई तो तीनों शव बरामद हो गए। आरोपी फारूक को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि ‘इज्जत’ के नाम पर उसने यह कदम उठाया। यह घटना 16-17 दिसंबर को मीडिया में आई और सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
ये भी पढ़ें..CM Nitish Kumar Pulled Hijab: मुस्लिम महिला का खींचा हिजाब मचा बवाल!
आरोपी का बैकग्राउंड और मकसद

Shamli Triple Murder: मोहम्मद फारूक एक कट्टर विचारधारा वाला व्यक्ति बताया जा रहा है। पड़ोसियों के अनुसार, वह हमेशा परिवार पर सख्ती करता था और महिलाओं को बुर्का पहनने की हिदायत देता था। पत्नी का बिना बुर्का मायके जाना उसे असहनीय लगा। इसके अलावा आर्थिक विवाद भी था, क्योंकि पत्नी पैसे मांग रही थी।
फारूक के पास अवैध पिस्तौल थी, जो जांच का विषय बनी हुई है। गांव वालों का कहना है कि परिवार में पहले से तनाव था, लेकिन किसी ने इतनी बड़ी वारदात की कल्पना भी नहीं की। यह मामला अब हत्या, अवैध हथियार और नाबालिगों की हत्या जैसे गंभीर अपराधों के तहत दर्ज हो गया है।
पुलिस कार्रवाई और गांव का माहौल
Shamli Triple Murder: पुलिस ने घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम भेजी और शवों का पोस्टमॉर्टम कराया। आरोपी को रिमांड पर लेकर हथियार की तलाश जारी है। शामली एसएसपी ने बताया कि जांच पूरी पारदर्शिता से हो रही है और दोषियों को सजा मिलेगी। गांव में भारी पुलिस बल तैनात है ताकि कोई तनाव न फैले।
स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। कई परिवारों ने बताया कि कट्टरता के नाम पर ऐसी घटनाएं महिलाओं के लिए खतरा बन रही हैं।
महिलाओं की सुरक्षा और कट्टरता
Shamli Triple Murder: यह घटना महिलाओं पर थोपे जा रहे बुर्का जैसे नियमों की पोल खोलती है। भारत में धार्मिक स्वतंत्रता के नाम पर होने वाली ऐसी हिंसा नई नहीं है। कई केस आते रहे हैं जहां पति-पत्नी के बीच धार्मिक मुद्दों पर झगड़े हिंसा में बदल जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा और जागरूकता से ही ऐसी मानसिकता बदलेगी।
न्याय की उम्मीद : Shamli Triple Murder
शामली ट्रिपल मर्डर केस पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी प्रशासन पर है। फारूक जैसे अपराधियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसा कदम न उठाए। समाज को भी आत्ममंथन करना होगा कि कट्टरता कब हिंसा बन जाती है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि प्रेम और सम्मान ही सच्ची इज्जत है।