
Dhirendra Shastri Ki Sanatan Ekta Padyatra: बाबा बागेश्वर के नेतृत्व में सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2025, हजारों श्रद्धालुओं और हस्तियों का साथ, हिंदू संस्कृति और राष्ट्रवाद का संदेश पूरे देश में फैलाएं। यह भी पढ़ें…Delhi Red Fort Blast: 8 Ki Maut, High Alert
Dhirendra Shastri Ki Sanatan Ekta Padyatra: यात्रा की शुरुआत और उद्देश्य
आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बाबा बागेश्वर) के नेतृत्व में ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ 7 नवंबर 2025 को दिल्ली के छतरपुर मंदिर परिसर से शुरू हुई। इस यात्रा का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करके सनातन संस्कृति और राष्ट्रवाद का संदेश पूरे देश में फैलाना है। यात्रा 10 दिनों तक चलेगी और 16 नवंबर को वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर में समाप्त होगी।
Dhirendra Shastri Ki Sanatan Ekta Padyatra: फरीदाबाद में यात्रा का स्वागत
8 नवंबर को यह यात्रा फरीदाबाद, हरियाणा पहुंची। यहाँ हजारों श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए। बड़ी संख्या में सामाजिक, धार्मिक और खेल जगत के प्रसिद्ध चेहरे जैसे ग्रेट खली, क्रिकेटर शिखर धवन और उमेश यादव भी इस यात्रा में भाग ले चुके हैं। पूरा शहर यात्रा के स्वागत के लिए सजाया गया, जिसमें कई जगह स्वागत द्वार और ध्वज लगाए गए।
यात्रा का कार्यक्रम और रूट (Dhirendra Shastri Ki Sanatan Ekta Padyatra:)

पदयात्रा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के 6 जिलों के 422 गांवों से गुजरती है।
कुल लगभग 150 किमी की दूरी के दौरान यात्रा में रोज रात्रि विश्राम और भव्य सत्संग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
यात्रा का प्रमुख पड़ाव एनआईटी दशहरा मैदान रहा, जहाँ बड़ी संख्या में भोजन, पानी और विश्राम की व्यवस्था की गई
Dhirendra Shastri Ki Sanatan Ekta Padyatra: प्रमुख संदेश और बयान
- आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने पदयात्रा के दौरान कहा, “यह यात्रा हिन्दू समाज की एकता और सामाजिक समरसता का संदेश देती है।
- भारत एकजुट हो रहा है, हिंदू जाग रहा है और सड़कों पर आ रहा है।
- हमारा मकसद है कि भारत जातिवाद से मुक्त होकर राष्ट्रवाद की ओर बढ़े।
- “उन्होंने स्पष्ट कहा, “भारत तभी रुकेगा जब हिन्दू राष्ट्र बन जाएगा।”
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन
Dhirendra Shastri Ki Sanatan Ekta Padyatra: प्रशासन ने लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के लिए 1700 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए।
यात्रा मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था के लिए वैकल्पिक मार्गों की सलाह दी गई
सामाजिक और धार्मिक रंग
Dhirendra Shastri Ki Sanatan Ekta Padyatra: इसे धार्मिक और सामाजिक संगठनों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। कई स्वयंसेवक यात्रा की व्यवस्थाओं में लगे हैं, वहीं यात्रा मार्ग पर भजन-कीर्तन और पारंपरिक गीतों की भी गूंज सुनाई दे रही है।
मुख्य उद्देश्य
- हिंदू समाज में एकता को मजबूत करना: जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद जैसी सामाजिक बुराइयों को खत्म कर पूरे हिंदू समाज में भाईचारा और संगठन शक्ति स्थापित करना.
- राष्ट्रवाद और सनातन संस्कृति का प्रसार: सनातन परंपरा, संस्कृति और भारत को ‘विश्वगुरु’ के रूप में स्थापित करने का संदेश देना.
- सात प्रमुख संकल्प: यमुना नदी की शुद्धता, भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करना, गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा, श्रीकृष्ण जन्मभूमि पुनर्निर्माण, ब्रज में शराब-मांस पर प्रतिबंध, धर्मांतरण और लव जिहाद को रोकना, और सामाजिक समरसता बढ़ाना.
- धार्मिक जागरूकता: अधिकाधिक लोगों को सनातन धर्म के सिद्धांतों के प्रति जागरूक करना और समाज को आध्यात्मिक रूप से उन्नत करना.
संभावित प्रभाव (Dhirendra Shastri Ki Sanatan Ekta Padyatra:)
- समाज में सकारात्मक बदलाव: जातिवाद और सामाजिक भेदभाव कम होने की उम्मीद है, जिससे समाज में समरसता और एकजुटता बढ़ेगी.
- हिंदू समाज का सशक्तिकरण: बड़े पैमाने पर एकत्रीकरण और संदेश प्रचार से हिंदू समाज की राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक सत्ता में मजबूती आ सकती है.
- नीतिगत मांगों पर दबाव: जैसे गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा, यमुना की सफाई, धार्मिक मामलों से जुड़े मुद्दों पर सरकार और समाज का ध्यान केंद्रित होगा.
- युवाओं व आगामी पीढ़ियों को दिशा: युवाओं में राष्ट्रीय और सांस्कृतिक चेतना का प्रवाह, जिससे वे अपनी जड़ों से जुड़े रहेंगे और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी समझेंगे
पदयात्रा के दौरान कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया है,

जिनमें भारतीय पहलवान द ग्रेट खली, पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन, क्रिकेटर उमेश यादव, अभिनेता संजय दत्त, राजपाल यादव, और संभावित रूप से योग गुरु बाबा रामदेव भी शामिल हैं। इन हस्तियों ने यात्रा के संदेश को समर्थन दिया और हिंदू समाज की एकता के लिए अपनी भूमिका निभाई है। इसके अलावा, यात्रा में कई संत और धार्मिक विद्वान भी शामिल हो रहे हैं।